मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, देवघर में हत्या कर कटिहार में शव को लगाया था ठिकाना

Subrata Guha | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 29, 2017, 8:42 PM IST

झारखण्ड में हत्या और बिहार में लाश को ठिकाने लगाने की यह कहानी पर्दे के पीछे से शार्टकट से नौकरी पाने की कोई भी हद पार कर सब कुछ गवां देने का एक बड़ा उदहारण है.

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अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों ना हो सही तफ्तीश उसे कानून की जकड़ में ले ही लेती है. झारखण्ड में हत्या और बिहार में लाश को ठिकाने लगाने की यह कहानी पर्दे के पीछे से शार्टकट से नौकरी पाने की कोई भी हद पार कर सब कुछ गवां देने का एक बड़ा उदहारण है. कटिहार पुलिस ने एक अज्ञात शव से पूरे मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया है.

तारीख 16 सितम्बर, जगह कटिहार के पोठिया थाना क्षेत्र के नरहैया गंव, जहां पुलिस को एक अज्ञात शव मिलता है. अधजले हालत में होने के कारण पुलिस के लिए शव की पहचान प्ररम्भिक जांच से साफ नहीं होता है, इसीलिए तमाम कानूनी प्रकिरिया के बाद शव की अंतिम संस्कार कर दिया जाता है.

पुलिस ने अज्ञात शव और उसके आसपास से जब्त सामानों को अलग-अलग वाट्सऐप ग्रुप में शव बरामदगी की सुचना के साथ डाल देता है. किसी तरह झारखण्ड के देवघर निवासी मृतक के परिजनों तक तस्वीरें पहुंचती हैं. मोती का माला और हवाई चप्पल से शव की शिनाख्त जमुई जिले के मुकेश के रूप में होती है.

पूछताछ में पता चलता है कि मुकेश नौकरी नहीं होने की वजह से बेहद परेशान था. वह फिलहाल अपने परिवार के साथ झारखण्ड के देवघर में रह रहा था. नौकरी के लिए उन्होंने देवघर सदर अस्पताल में निजी सुरक्षा गार्ड में तैनात सूरज झा को लगभग दो लाख रुपया दिया था. पैसे को लेकर कई दिनों से विवाद भी चल रहा था.

पुलिस हर कड़ी को जोड़ती गई और माजरा साफ होता गया. देवघर पुलिस के सहयोग से जैसे ही सूरज पुलिस के हत्थे चढ़ा कि पूरे मामले का खुलासा हो गया. पहले नौकरी के नाम पर दो लाख की ठगी और फिर बार-बार पैसे मांगने से तंग आकर सूरज ने ही एम्बुलेंस ड्राइवर मनीष और एम्बुलेंस मालिक बिनोद के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची.

तीनों शातिरों ने इस संगीन वारदात को चलती एम्बुलेंस में ही अंजाम दिया. मुकेश को शराब के साथ नशे की दवा और इंजेक्शन दिया गया. हत्या के लिए एम्बुलेंस में रखे रस्सी के सहारे गला दबाकर उसे मार दिया गया. मारने के बाद शव को गंगा नदी में ठिकाने लगाने की मकशद से यह तीनों अपराधी आगे बढ़ता रहा. आगे भीड़ होने की वजह से नदी तक नहीं पहुंच सका. बाद में कटिहार के पोठिया के नरहैया में शव को ठिकाने लगाने के मकसद से उसे पेट्रोल डालकर जला दिया.

कटिहार पुलिस के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि पोठिया थाना से कई सौ किलोमीटर दूर झारखण्ड के देवघर में इस हत्या की साजिश रची गई थी. हत्या और शव को ठिकाने लगाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल भी अपने आप में अनोखा है. इसके बावजूद कटिहार पुलिस ने अपने तरीके से इस हत्याकांड का खुलासा किया.

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First published: September 29, 2017, 7:13 PM IST
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