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कटिहार का रिवम कैलिफोर्निया में पढ़ेगा Astrophysics, नए आविष्कार पर भी करेगा काम
Katihar News in Hindi

News18 Bihar
Updated: December 27, 2019, 3:13 PM IST
कटिहार का रिवम कैलिफोर्निया में पढ़ेगा Astrophysics, नए आविष्कार पर भी करेगा काम
कटिहार का रिवम राज कैलिफार्निया में पढ़ेगा अंतरिक्ष विज्ञान का पाठ

अब अपने लक्ष्य को लेकर बिहार का यह युवा वैज्ञानिक और भी संजीदा है. ' कटिहार टू कैलिफ़ोर्निया' जाने की उपलब्धि पर न सिर्फ उनके माता-पिता और परिजनों को नाज है बल्कि पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है.

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कटिहार. 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा'... हिंदी फिल्म 'कयामत से कयामत तक' का यह गीत शायद हर माता-पिता की अपनी संतान के लिए रखी जाने वाली सोच को ध्यान में रख कर ही लिखी गई होगी. कटिहार का रिवम राज ने अपने पिता के इस अरमान को अब पूरा करने जा रहा है. रिवम अब अमेरिका के प्रतिष्ठित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करेगा. इसके लिए उसने जरूरी  तीन परीक्षाएं पास कर ली है.

करीब 200 देशों के 2000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राएं स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (Scholastic Aptitude Test) की परीक्षा में रिवम ने पहला स्थान प्राप्त किया है.  भारत के एक मात्र प्रतिभागी के रूप में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया चयन होने के बाद अब वह आगे 'एस्ट्रो फिजिक्स' के पढाई के साथ -साथ वह पूर्ण रूप से स्कॉलरशिप पर ही अपने प्रोजेक्ट पर प्रैक्टिकल भी कर सकेगा, वह भी  यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया में.

स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) के बारे में बताया जाता है कि अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था कॉलेज बोर्ड लगभग 100 सालों से पूरे विश्व की प्रतिभाओं को अच्छे कॉलेजों में दाखिला दिलाने के लिए इस परीक्षा का आयोजन विश्व स्तर पर करता आ रहा है. इस बार रिवम भारत का एक मात्र सफल प्रतिभागी है.  ग्लोबल स्तर पर उन्हे तृतीय स्थान मिला है.

रिवम के पापा राजेन्द्र प्रसाद भारतीय रेल में ड्राइवर हैं और बेटा रिवम राज आपने अविष्कार से भारतीय रेल के साथ -साथ ऑटो मोबाईल दुनिया की तकदीर बदलने की कवायद में जुटा हुआ है. कटिहार के इस युवक द्वारा तैयार किये जा रहे 'हाइड्रो केमिकल इंजन' के प्रथम स्वरुप को प्रधान मंत्री कार्यालय से भी सराहना मिल चुकी है.

बता दें कि कटिहार सहायक थाना क्षेत्र के इमरजेंसी कॉलोनी के रेलवे क्वार्टर में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद  राजधानी ट्रेन के ड्राइवर हैं. राजेंद्र से जब कभी बचपन मे उनका बेटा रिवम ट्रेन के चलने के लिए ऊर्जा स्रोतों के बारे में पूछते थे तब उन्हें शायद ही एहसास हुआ होगा की पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को आदर्श मानने वाले उनके बेटे की अविष्कार के सोच से भारतीय रेल के साथ -साथ ऑटो मोबाइल की दुनिया में क्रांति आ सकती है.

रिवम की माँ अमृता प्रीति कहती हैं कि रिवम हमेशा से ही बेहद मेहनती रहा है. अब बस उसकी योग्यता देश के लिए कुछ करने के काम आ जाए तो इससे बड़ी खुशी और कुछ नही हो सकती है.


दरअसल रिवम की सोच एक ऐसे अविष्कार को मूर्तरूप देने की है जो बगैर पानी बर्बाद किए पानी को रीसाइक्लिंग  कर ऊर्जा को विकसित करे. 'हाइड्रो केमिकल' इंजन नाम के इस प्रोजेक्ट पर कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में एस्ट्रो फिजिक्स की  पढ़ाई के साथ-साथ अपने प्रोजेक्ट हाइड्रोलिक इंजन पर प्रैक्टिकल भी करेंगे.रिवम को बचपन से शिक्षा देने वाले शिक्षक डॉ उपाध्याय कहते हैं कि वह बचपन से ही मेधावी रहा है. शुरूआती स्कूली शिक्षा उसने कटिहार विद्या विहार स्कूल में और कक्षा 7 और 8 की पढ़ाई पटना के एक निजी स्कूल के बाद इंटर की पढ़ाई पूर्णिया से की है. जहां तक उसके अविष्कार की बात है वो इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि ये बढ़ते प्रदूषण की समस्या पर भी पूरी तरह  उसका 'हाइड्रोकेमिकल इंजन' खरा उतरता है.

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First published: December 27, 2019, 2:32 PM IST
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