COVID-19 Effect: बिहार के इस इलाके में पूजे जाते हैं दामाद, मगर Lockdown से टूटी परंपरा
Katihar News in Hindi

COVID-19 Effect: बिहार के इस इलाके में पूजे जाते हैं दामाद, मगर Lockdown से टूटी परंपरा
बिहार के सीमांचल इलाके में प्रचलित है दामाद पूजन की परंपरा

बिहार के सीमांचल (Seemanchal) इलाके में दामाद पूजन की परंपरा पर कोरोना महामारी का असर दिखा. कोरोना (COVID-19) संकट के कारण कई दामाद ससुराल नहीं पहुंच सके. उनकी सास ने दूर से ही बेटी-दामाद को आशीर्वाद दिया.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
कटिहार. कोरोना वायरस (COVID-19) के कहर ने न सिर्फ आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि कई परंपराएं भी इस कोरोनाकाल में टूट गई हैं. बिहार (Bihar) के सीमांचल इलाके में ऐसी ही एक परंपरा है दामाद-पूजन की. इस मौके पर बेटी-दामाद की विशेष आवभगत होती है. लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से इस साल यह परंपरा टूटती नजर आई. बंगाल से सटे बिहार के सीमांचल (Seemanchal) इलाके में यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है. बंगाली समुदाय के लोग इस मौके को धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन सासु मां (सास) अपने दामाद की पूजा कर उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगती है.

कटिहार में दामाद पूजन के रीत को निभाने वाली यशोदा देवी कहती हैं कि यह परंपरा उनके घर में बेहद पुरानी है. इस दिन पहले डाली (टोकरी) में फल-फूल और मिठाई सजाकर उपवास रखते हुए बेटी और दामाद द्वारा दिया हुआ नया कपड़ा पहनकर उन्हें पूजा जाता है. इस व्रत में ताड़ के पत्ते से बने पंखे से दामाद को सास हवा करती है. इस मौके पर विशेष अनुष्ठान भी होता है. लेकिन लॉकडाउन की वजह से इस साल कई बेटी-दामाद पारंपरिक मौके पर नहीं पहुंच सके. यशोदा देवी ने बताया कि बेटी-दामाद नहीं आ सके, लेकिन कई सासु मांओं ने उनकी गैर-मौजूदगी में ही उपवास रखा और इस परंपरा को निभाया. इधर, ससुराल पहुंचे कई दामाद इस पूजा सम्मान के स्वरूप से बेहद गद्गद दिखे.

कटिहार ओटी पारा के रहने वाले संपत दास कहते हैं कि यह वाकई एक अनोखी परंपरा है. उन्होंने कहा कि शायद यह भारत में ही संभव है, जहां हर रिश्ता पूजने लायक होता है. दामाद पूजन इसी को साबित करता है. संपत आगे कहते हैं कि सास यानी सासू मां भी मां का ही स्वरूप है. कोई भी मां किसी भी रूप में आपकी सलामती की दुआ करे, तो वह स्वीकार होती ही है. इसलिए आधुनिक होते भारत में परंपरा के साथ मनाए जाने वाले रिश्तों की जोड़ने वाली ऐसे त्योहार (अवसर) का खास मायने हैं.



 




ये भी पढ़ें-

'रुदाली गा रही हैं वंशवादी पार्टियां', सुशील मोदी ने 'गांधी' पर कही ये बात

क्या कोरोना से ऐसे जीतेगा बिहार? मुजफ्फरपुर में सोशल डिस्टेंसिंग बना मजाक, प्रशासन बना मूकदर्शक
First published: May 28, 2020, 9:19 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading