पर्व के नाम पर लाखों की मछलियां लूट ले गए ग्रामीण, ना चाह कर भी बेबस बना रहा प्रशासन
Katihar News in Hindi

पर्व के नाम पर लाखों की मछलियां लूट ले गए ग्रामीण, ना चाह कर भी बेबस बना रहा प्रशासन
मछलियां लूटते ग्रामीण

जिस अंदाज में सामूहिक तरीके से पोखर, तालाब और नदियों पर हमला करके मछली लूटने की घटना को अंजाम दिया गया, उससे मछली पालक एवं मखाना व्यवसायी दहशत में है.

  • Share this:
बिहार के कटिहार में लूट का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां जिले के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी एवं निजी तालाब पोखरों व नदियों की मछलियों को नदी जगाने के नाम पर लूट ले गए. बैशाखी पर्व मनाने को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कई दिनों से लोग जुट जाते हैं. इस पर्व को सिरुवा, सतवाणी, बसिया के भी नाम से जाना जाता है.

ये भी पढ़ें-  जेडीयू के विलय को लेकर मांझी का बड़ा बयान, बोले- मेरी जानकारी में इस पार्टी से होनी थी डील

पर्व के एक दिन पहले लोग कई प्रकार के व्यंजन बनाते हैं और पर्व के दिन बने हुए बासी व्यंजन को खाते हैं क्योंकि इस पर्व में कई क्षेत्रों में चूल्हा नहीं जलाने की भी परंपरा है. दूसरी तरफ इस पर्व के आने से नदी जगाने की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है. कई वर्षों से नदी जगाने के नाम पर पोखर, तालाब और नदियों में जिस तरह मछली लूटी जाती है वह काफी हैरान करने वाली है. इस दौरान जिन पोखर, नदी एवं तालाब में अभी मखाना लगाया गया है, उसको भी तहस-नहस कर दिया गया.



ये भी पढ़ें-  लोकसभा चुनाव 2019: डबस्मैश के जरिए लालू ने साधा पीएम पर निशाना, रिलीज किया वीडियो
जिले का एकमात्र हेचरी डंडखोरा प्रखंड के सौरिया में है जहां लोगों ने हेचरी के तालाब में नदी जगाने के नाम पर लाखों की मछली लूट ली जबकि उसमें उपजाये जा रहे मत्स्य बीज को भी तहस-नहस कर दिया. मछली लूटपाट की आशंका को लेकर हेचरी संचालक चंदन कुमार मंडल ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को इसकी लिखित जानकारी दी थी. जिला मत्स्य पदाधिकारी ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए डंडखोरा अंचल और थाना को हेचरी के तालाब से मछली लूटपाट की रक्षा को लेकर पत्र दिया था लेकिन प्रशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से लोगों का हौसला बढ़ गया और प्रखंड में लाखों रुपए की मछली लूट ली गई.

ये भी पढ़ें- Exclusive: राबड़ी बोलीं- लालू रहते तो अच्छा होता, चुनाव प्रचार में फर्क पड़ता

चंदन कुमार मंडल ने बताया कि लगभग आठ लाख रूपए की मछली का उत्पादन होना था जिसमें पर्व के नाम पर लूटपाट में 5 लाख का नुकसान हुआ है. जिले के प्राणपूर, कटिहार के ग्रामीण क्षेत्र, हसनगंज, मनसाही और डंडखोरा में मछली की लूटपाट हुई है. डंडखोरा में थाना के नजदीक होने के बावजूद पीर मजार स्थित तालाब से मछली लूट ली गयी. यहां के बाद सौरिया पहुंचकर हेचरी एवं तालाब से मछली लूटी गयी.

डंडखोरा के कमलदाह, पहाड़पुर घाट के मनाईन नदी, बनयेन झील, रतनपुरा में कमलाधार में एक के बाद एक नदियों जलकरो तथा पोखरो में मछली लूटने वालों का जत्था मछली लूटता रहा, हालांकि कुछ लोगों ने बताया कि जहां भी नदी और तालाब में मछली मारी गई है वहां मछली पालकों ने लूट की आशंका को देखते हुए पहले ही मछली मार ली है.

राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मछली के कारोबार को बढ़ावा देकर नीली क्रांति लाने की योजना है लेकिन प्रखंड में इस लक्ष्य को हर वर्ष झटका लगता है. जिस तरह से मछली पालक किसान दहशत में है उससे तो लग रहा है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में लोग मछली पालने और मखाना की फसल लगाने से तौबा कर लेंगे।

प्रखंड में लोग सैकड़ों की तादाद में बेखौफ होकर नदी, पोखर एवं तालाब में घुसकर मछली लूटते रहे. जिस अंदाज में सामूहिक तरीके से पोखर, तालाब और नदियों पर हमला करके मछली लूटने की घटना को अंजाम दिया गया, उससे मछली पालक एवं मखाना व्यवसायी दहशत में है.

रिपोर्ट- सुब्रत गुहा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज