बिहार: कोरोनाकाल में चुनाव की जिद ने ली शिक्षक की बलि! व्हाट्सएप चैट ने खोली आइसोलेशन सेंटर की पोल
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बिहार: कोरोनाकाल में चुनाव की जिद ने ली शिक्षक की बलि! व्हाट्सएप चैट ने खोली आइसोलेशन सेंटर की पोल
खगड़िया में ईवीएम ट्रेनिंग के दौरान कोरोना पॉजिटिव हुए शिक्षक कैलाश झा किंकर की मौत.

बिहार में विधानसभा चुनाव कराने की सियासी सुगबुगाहट के बीच खगड़िया (Khagaria) में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की ट्रेनिंग के दौरान COVID-19 पॉजिटिव शिक्षक कैलाश झा किंकर की आइसोलेशन सेंटर में इलाज के दौरान मौत पर उठे सवाल.

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पटना. बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) का कार्यकाल नवंबर के आखिरी हफ्ते से पहले ही खत्म हो जाएगा. यानी हर हाल में आखिरी हफ्ते से पहले ही नई सरकार का गठन हो जाना चाहिए. लेकिन, क्या बिहार में चुनाव के हालात हैं? ये सवाल बार-बार सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में उठाए जा रहे हैं. दरअसल अनलॉक होने के बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमण (COVID-19 infection) तेजी से बढ़ा है. इस बीच विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने कहा है कि चुनाव हर हाल में समय से ही होंगे. बीजेपी-जेडीयू (BJP-JDU) भी चुनाव को लेकर काफी उत्साहित है और चुनाव टालने की बात करनेवालों को डरा और घबराया हुआ बता रही है. हालांकि इससे इतर एक हकीकत ये है कि चुनाव करवाने की जिद ने पहली 'बलि' ले ली है.

दरअसल, बिहार के खगड़िया में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM की ट्रेनिंग के दौरान संक्रमित हुए प्रधानाचार्य कैलाश झा किंकर की सोमवार (13 जुलाई) को इलाज के दौरान मौत हो गई. वे खगड़िया के रामगंज संसारपुर स्थित कोविड सेंटर में भर्ती थे. कैलाश झा जिले में चल रही ईवीएम ट्रेनिंग के मास्टर ट्रेनर थे और हैदराबाद से आए उन प्रशिक्षकों के संपर्क में आकर कोरोना संक्रमित हो गए थे, जो बाद में कोरोना पॉजिटिव पाए गए.  कैलाश झा के साथ तीन अन्य लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.

खास बात ये है कि राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए कैलाश झा के अलावा कई अन्य शिक्षक इस ट्रेनिंग में शामिल नहीं होना चाहते थे. इसी वजह से ट्रेनिंग के लिए प्रतिनियुक्त 70 में से 61 मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग से अनुपस्थित भी रहे. लेकिन 8 जुलाई को खगड़िया के डीएम ने इन सभी मास्टर ट्रेनर को ट्रेनिंग से अनुपस्थित रहने की वजह से शोकॉज नोटिस भी जारी किया.



शिक्षकों को जारी किया गया था शो कॉज नोटिस

बाद में जब ट्रेनिंग में शामिल हैदराबाद के इंजीनियरों के कोरोना संक्रमित होने की खबर आई, तो जिला प्रशासन ने सभी मास्टर ट्रेनरों और अन्य कर्मियों का टेस्ट कराया. उनमें से 7 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले और कैलाश झा किंकर की इलाज के दौरान आइसोलेशन सेंटर में मौत हो गई.

कैलाश झा किंकर खुद कवि थे इसलिए उनके कई कवि मित्र भी थे. इन्हीं में से एक मित्र लता सिन्हा के साथ  मौत से पहले उनकी व्हाट्सएप पर चैटिंग हुई थी. चैट में कैलाश झा ने कोविड सेंटर की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि यहां की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. लता सिन्हा ने अपने टि्वटर हैंडल पर कैलाश झा किंकर के साथ उस चैट को शेयर करते हुए ये बातें कही हैं.



कैलाश झा ने जिला प्रशासन के वाट्सएप ग्रुप में भी नाराजगी जाहिर करते हुए आइसोलेशन सेंटर की अव्यवस्थाओं के बारे में लिखा. अब ये तमाम मैसेज सोशल मीडिया में शेयर किए जा रहे हैं. उन्होंने अपने एक डॉक्टर मित्र को भी मैसेज किया था कि टेस्ट के दौरान स्वाब लेते हुए उनके नाक में कट हो गया है, जिससे लगातार खून रिस रहा है. लेकिन सेंटर के डॉक्टर ध्यान नहीं दे रहे, हो सके तो वे इसकी कोई दवा बताएं. मगर डॉक्टर ने अपनी मजबूरी यह कहते हुए जाहिर की कि आइसोलेशन सेंटर में होने के कारण वे अपनी दवा उन्हें कैसे दे सकते हैं.

मृत शिक्षक व कवि कैलाश झा किंकर के व्हाट्सएप चैट हो रहे वायरल.


कैलाश झा के पॉजिटिव होते ही कई शिक्षकों ने छोड़ दी ट्रेनिंग

कैलाश झा किंकर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद कई अन्य शिक्षकों ने ट्रेनिंग छोड़ दी थी. इसके पीछे शिक्षकों ने दलील दी थी कि कोरोना पॉजिटिव के साथ काम किया है, इसलिए जब तक जांच नहीं होती, तब तक वे काम नहीं करेंगे. इस बात को लेकर शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया. बावजूद इसके प्रशासन ने EVM ट्रेनिंग का काम जारी रखा है. खगड़िया के डीएम आलोक रंजन घोष ने यह भी बताया कि अगले पांच से छह दिनों तक और यह काम होगा. इसके लिए रोजाना हॉल को सैनेटाइज किया जा रहा है. साथ ही सभी कर्मियों को मास्क के साथ साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य करने का निर्देश दिया गया है.

शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन पर उठाए सवाल

अराजपत्रित शिक्षक संघ के सचिव ललन कुमार ने कहा कि कैलाश झा वास्तव में चुनाव आयोग की लापरवाही का शिकार हुए हैं. COVID-19 का नियम है कि यदि एक मोहल्ले में एक पॉजिटिव मरीज मिलता है तो कंटेनमेंट जोन बनाया जाए. फिर जब एक शिक्षक समेत पांच लोग कोरोना पॉजिटिव होते हैं तो उसके बाद भी शिक्षकों से काम लिया जा रहा है. कार्य नहीं करने पर स्पष्टीकरण पूछा जाता है. आखिरकार एक शिक्षक के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है. अब भी जो शिक्षक ईवीएम एफएलसी का कार्य कर रहे हैं, वे जिला प्रशासन की कार्रवाई के डर रहे हैं.
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