शहीद हुए सब इंस्पेक्टर आशीष की मां कैंसर से पीड़ित, खुद इलाज कराने जाते थे दिल्ली

बिहार के खगड़िया में दुर्दांत अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए पसराहा थाना प्रभारी आशीष कुमार न केवल जांबाज सिपाही थे बल्कि एक बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे जो समाज के गरीब गुरबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे आए. उनकी मां कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं. आशीष खुद उन्हें लेकर इलाज के लिए दिल्ली आया-जाया करते थे.

News18 Bihar
Updated: October 13, 2018, 2:59 PM IST
शहीद हुए सब इंस्पेक्टर आशीष की मां कैंसर से पीड़ित, खुद इलाज कराने जाते थे दिल्ली
शहीद सब इंस्पेक्टर आशीष
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Updated: October 13, 2018, 2:59 PM IST
बिहार के खगड़िया में दुर्दांत अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए पसराहा थाना प्रभारी आशीष कुमार न केवल जांबाज सिपाही थे बल्कि एक बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे जो समाज के गरीब गुरबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे आए. उनकी मां कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं. आशीष खुद उन्हें लेकर इलाज के लिए दिल्ली आया-जाया करते थे.

आशीष कुमार 2009 बैच के दारोगा थे. आशीष का घर सहरसा जिले के सरोमा थाना बलवाह ओपी में है. वो तीन भाइयों  में सबसे बड़े थे. उनका एक भाई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में देश की सेवा कर रहा है. दूसरा भाई सिविल इंजीनियर है.

आशीष कुमार को हमेशा की तरह जैसे ही सूचना मिली कि खगड़िया और भागलपुर जिले के बीच दियारा इलाके में कुख्यात अपराधी दिनेश मुनि गैंग के साथ बैठा हुआ है, तो वो सिर्फ चार सिपाहियों को लेकर शुक्रवार देर रात दो बजे मिशन पर निकल गए.

दियारा का इलाका बेहद बीहड़ और दुर्गम होता है, इसलिए आशीष कुमार एक ट्रैक्टर से रवाना हुए. वहां एक झोपड़ी में दिनेश मुनि साथियों के साथ बैठा हुआ था. आशीष कुमार ने अपराधियों को चुनौती दी. तभी मुनि गैंग ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.

जान की परवाह किए बगैर आशीष मुस्तैदी से डटे रहे और अपने सर्विस रिवॉल्वर से एक अपराधी को ढेर कर दिया. तभी कई अपराधियों ने आशीष को निशाना बना कर फायरिंग कर दी. पांच गोलियां आशीष के सीने और कमर में लगी जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

उनके साथ गए एक सिपाही को भी कमर के नीचे गोली लगी जिसका इलाज भागलपुर अस्पताल में चल रहा है.

जांबाज आशीष बेखौफ होकर अपराधियों से लोहा लेते थे. ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब आशीष को गोली लगी. पिछले साल जब वो मुफस्सिल थाना प्रभारी थे तब भी एक मुठभेड़ में उन्हें गोली लगी थी लेकिन वो बच गए.
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रिपोर्टर - दिग्विजय, खगड़िया

 
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