हॉट केक बना किशनगंज विधानसभा सीट, क्या AIMIM को हराकर अपने गढ़ में वापसी कर पाएगी कांग्रेस?

2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के डॉ. मो. जावेद आजाद विधायक चुने गए थे. (सांकेतिक फोटो)
2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के डॉ. मो. जावेद आजाद विधायक चुने गए थे. (सांकेतिक फोटो)

किशनगंज विधानसभा सीट (Kishanganj Assembly Seat) का गठन 1952 में हुआ था. यहां के पहले विधायक रावतमल अग्रवाल थे. इस विधानसभा क्षेत्र में पूरे शहर के अलावा मोतिहारा तालुका, सिंधिया कुलामणि, हालामाला व किशनगंज, पोठिया ब्लॉक शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 7:55 PM IST
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किशनगंज. किशनगंज (Kishanganj) को बिहार में मिनी दार्जिलिंग के नाम से जाना जाता है. किशनगंज जिले की सीमाएं बांग्लादेश और नेपाल से लगती हैं. खास कर किशनगंज से बांग्लादेश की दूरी महज 25 किलोमीटर ही है. ऐसे में यहां पर बंगाली संस्कृति की थोड़ी बहुत झलक देखने को मिल जाती है. फिलहाल, किशनगंज में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. राजद, जयदू और बीजेपी सहित तमाम दलों के कार्यकर्ता और नेता अपनी जमीन को मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं, क्योंकि कुछ दिनों में बिहार विधानसभा चुनाव 2020 ( Bihar Assembly Elections 2020) के लिए तारिखों का ऐलान हो सकता है. इस बार किशनगंज विधानसभा सीट बिहार के सभी दलों के लिए हॉट केक बना हुआ है. चाहे महागठबंधन हो या फिर एनडीए, सभी के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चुनौती बनी हुई है. ऐसे भी किनशगंज विधानसभा सीट से वर्तमान में AIMIM के ही विधायक हैं. वर्ष 2019 में हुए विधानसभा उपचुनाव AIMIM के टिकट पर मो. कमरुल होदा ने जीत दर्ज की थी.

किशनगंज विधानसभा सीट का गठन 1952 में हुआ था. यहां के पहले विधायक रावतमल अग्रवाल थे. इस विधानसभा क्षेत्र में पूरे शहर के अलावा मोतिहारा तालुका, सिंधिया कुलामणि, हालामाला व किशनगंज, पोठिया ब्लॉक शामिल हैं. कहा जाता है कि किशनगंज विधानसभा सीट शुरू से ही कांग्रेस पार्टी का गढ़ रहा है. लेकिन वर्ष 2019 में हुए विधानसभा उपचुनाव AIMIM के टिकट पर मो. कमरुल होदा ने जीत दर्ज की थी. मो. कमरुल होदा ने कांग्रेस के किले को ध्वस्त कर दिया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि AIMIM धीरे-धीरे जिले में मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच बना रही है. ऐसे में मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों के लिए इस विधानसभा के चुनाव में जीत की राह आसान नहीं होगी.

मो. कमरुल होदा विधायक हैं
बाता दें कि 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के डॉ. मो. जावेद आजाद विधायक चुने गए थे. वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था. इसमें उन्होंने जदयू उम्मीदवार महमूद अशरफ को पटखनी दी थी. उसके बाद यह सीट खाली हो गयी. वर्ष 2019 में हुए विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने सांसद डॉ. मो जावेद आजाद की मां साईदा बानो को उम्मीदवार बनाया था. लेकिन एमआईएम उम्मीदवार मो. कमरुल होदा को जीत हासिल हुई थी.
यहां पर कुल 290374 वोटर्स हैं


यदि किशनगंज विधानसभा में मतदाताओं की संख्या की बात की जाए तो यहां पर कुल 290374 वोटर्स हैं. इममें से महिला 143453, पुरुष 146904, बुजुर्ग 5252 और युवा वोटरों की संख्या 74375 है. साथ ही किशनगंज में 439 बूथ हैं.
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