Tribeniganj Assembly Seat: कहीं जमकर पड़े वोट तो कहीं हुआ बहिष्कार, साल 2015 में ऐसा था त्रिवेणीगंज सीट का चुनाव

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

साल 2015 के चुनाव में सुपौल विधानसभा क्षेत्र में 61.10 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें निर्मली विधान सभा क्षेत्र में 60.10, पिपरा 60.90 सुपौल 61.50, त्रिवेणीगंज में 61.20 और छातापुर विधान सभा क्षेत्र में 61.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 7:02 AM IST
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सुपौल. बिहार में इन दिनों विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) की तैयारियां जोरों पर हैं. चुनाव आयोग ने हाल ही में कहा था कि बिहार में 29 नवंबर से पहले चुनाव हो जाएंगे. हालांकि चुनाव की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि चुनाव आयोग आने वाले कुछ दिनों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है. जिसके लिए सभी दल इससे पहले ही कमर कस चुके हैं. ऐसे में सुपौल की त्रिवेणीगंज विधानसभा सीट पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं. पिछली बार यानी कि साल 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान क्षेत्र के 2 लाख 57 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. जिसमें हार जीत का मार्जिन 52400 वोटों का था.

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वहीं एक सबसे बुज़ुर्ग व्यक्ति (105 वर्षीय) मोहम्मत वसीर ने भी अपने मत का प्रयोग किया था जोकि काफी चर्चा में रहा. इसके अलावा दूसरी तरफ सड़क, पुल, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे ग्रामीणों ने बहिष्कार भी किया. साल 2015 में यहां कुल 61.20 प्रतिशत मतदान हुआ. जिसमें जनता दल (यूनाइटेड) से प्रत्याशी वीणा भारती ने लोक जन शक्ति पार्टी के अनंत कुमार भारती को 52400 वोटों के मार्जिन से हराकर अपनी जीत दर्ज की थी.



साल 2015 के चुनाव में ऐसे रहे थे नतीजे

बता दें कि साल 2015 के चुनाव में सुपौल विधानसभा क्षेत्र में 61.10 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें निर्मली विधान सभा क्षेत्र में 60.10, पिपरा 60.90 सुपौल 61.50, त्रिवेणीगंज में 61.20 और छातापुर विधान सभा क्षेत्र में 61.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. वहीं जिले के भवानीपुर व खूंट गांव के लोगों ने सड़क, पुल, बिजली आदि समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया था, जबकि अन्य बूथों पर वोटरों ने काफी बढ़-चढ़ कर मताधिकार का प्रयोग किया था.
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