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लाली पहाड़ी की खुदाई में मिले सदियों पुराने अवशेष, यहां बौद्ध भिक्षु करते थे साधना!

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 3, 2018, 4:42 PM IST

लखीसराय स्थित लाली पहाड़ी पर पुरात्विक अवशेष के लिए चल रहे खुदाई कार्य को एक महीना बीत गया है.लाली पहाड़ी की जैसे- जैसे खुदाई खोदाई हो रही है पौराणिक एवं पुरात्विक रहस्य सामने आ रहे हैं.

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लखीसराय स्थित लाली पहाड़ी पर पुरात्विक अवशेष के लिए चल रहे खुदाई कार्य को एक महीना बीत गया है. 25 नवंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुदाई कार्य का शुभारंभ किया था.

लाली पहाड़ी की जैसे- जैसे खुदाई हो रही है वैसे-वैसे पौराणिक एवं पुरात्विक रहस्य सामने आ रहे हैं. अब तक लाली पहाड़ी पर बौद्ध बिहार के चार सेल मिले हैं. बिहार विरासत विकास समिति एवं विश्व भारती विश्वविधालय शांति निकेतन को इसकी जिम्मेदारी दी गई है.

इससें अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां बौद्ध भिक्षुओं का आवास था. उनके साधना करने के प्लेटफार्म भी मिले हैं. लाली पहाड़ी की खुदाई का नेतृत्व कर रहे प्रो. अनिल कुमार सिंह की मानें तो लाली पहाड़ी बौद्ध भिक्षुओं का घर रहा होगा.

भिक्षुओं को रहने के चार कमरे मिले हैं. इन कमरों की मोटी-मोटी दीवारे हैं. छत पर सुर्खी एवं चूना पत्थर का लेप है. खुदाई के दौरान घोषीकुंडी की तरफ एक बड़े आकार का चौड़ा प्लेटफॉर्म निकला है. जिसके अध्ययन से ज्ञात होता है कि इस प्लेटफार्म पर भिक्षुओं द्वारा साधना की जाती थी.

अनिल कुमार सिंह की मानें लाली पहाड़ी पर खुदाई के दौरान मिल रहे अवशेष से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां महिला भिक्षु भी रहा करती थीं.

खुदाई के दौरान सुरक्षा टावर, सेल कनेक्टिंग वाल, मोटे दीवार के अवशेष मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे लाली पहाड़ी बिहार ही नहीं देश के मानचित्र पर जानी जाएगी.

(राकेश की रिपोर्ट)

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First published: January 3, 2018, 12:18 PM IST
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