कभी लालू यादव की कुर्ताफाड़ होली में लगता था राजनेताओं का जमावड़ा, लेकिन इस साल RJD कार्यकर्ता नहीं खेलेंगे होली

लालू यादव कभी होली के मौके पर इस तरह से रंग- गुलाल खेला करते थे. (फाइल फोटो)

लालू यादव कभी होली के मौके पर इस तरह से रंग- गुलाल खेला करते थे. (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और कार्यकर्ता इस साल होली नहीं खेलेंगे. लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) इन दिनों चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में जेल में हैं. लिहाजा राष्ट्रीय जनता दल के नेता और कार्यकर्ताओं ने इसको देखते हुये यह फैसला किया है.

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  • Last Updated: March 28, 2021, 11:03 PM IST
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पटना. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस साल होली नहीं खेलने का ऐलान कर दिया है. दरअसल लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) इन दिनों चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में जेल में हैं. लिहाजा राष्ट्रीय जनता दल के नेता और कार्यकर्ता इस बार होली (Holi) नहीं खेलेंगे. इन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि जब तक लालू यादव जेल से बाहर नहीं आ जाते हैं, तब तक आरजेडी के समर्पित लोग होली नहीं खेलेंगे.

आज भले ही लालू के चाहने वाले रंग और गुलाल से परहेज कर रहे हो, लेकिन एक ऐसा भी दौर था जब लालू प्रसाद यादव की कुर्ताफाड़ होली न केवल देश भर में बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बनी हुई थी. सच पूछा जाए तो लालू यादव की होली सबको बांध लेती थी और आम से लेकर खास तक का भेद मिट जाता था.

एक समय में होली के दिन लालू प्रसाद यादव के घर का दरवाजा सभी के लिए खुल जाता था. आम हो या खास अमीर हो या गरीब लालू सभी को रंग से सराबोर कर देते थे. धीरे-धीरे जब होली का रंग चढ़ने लगता था तब लोगों के कुर्ते भी फटने लगते थे. साथ ही होली के गीत लालू आवास पर गूंजने लगते थे. रंग और अबीर से सराबोर लोग होली गीतों पर इस कदर खुशियां मनाते थे की लालू आवास पर चारों तरफ माहौल होलीआना हो जाता था. वह दौर 90 के दशक का था जब बिहार में सत्ता की बागडोर राष्ट्रीय जनता दल के हाथों में थी. रंगों से सराबोर कुर्ताफाड़ होली का गवईं अंदाज लालू को आम लोगों से कनेक्ट कर देता था.

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सुबह में फाग और रंग का दौर चलने के बाद होली खेल रहे सभी लोगों के बीच कुर्ताफाड़ होली का दौर शुरू हो जाता था. मौजूद लोगों में कोई भी ऐसा नहीं होता था जिसके कुर्ते फाड़े नहीं जाते हों. यहां तक कि लालू प्रसाद यादव के कुर्ते भी लोग बड़े चाव से फाड़ते थे. रंग के बाद शाम से गुलाल की होली भी शुरू होती थी और तब गवई अंदाज में होली का गायन शुरू होता था, जिसमें खुद लालू के अलावा उनके साथ रह रहे लोग फगुआ गीत गाने में मग्न हो जाते थे.

महागठबंधन की सरकार की सत्ता से जाने के बाद लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में आरोपी बनने फाड़ होली के बाद जब जेल गये तब धीरे-धीरे इस कुर्ता फार होली का क्रेज कम होने लगा, लेकिन उस होली का अंदाज तबके गवाह बने राजनेताओं को आज भी रोमांचित करता है.
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