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फरक्का, बाढ़ और कांटी में बिजली उत्पादन ठप, बिहार में छाया अंधेरा

Pradesh18
Updated: April 28, 2016, 5:17 PM IST
फरक्का, बाढ़ और कांटी में बिजली उत्पादन ठप, बिहार में छाया अंधेरा
फरक्का, बाढ़ और कांटी बिजलीघर से उत्पादन बंद होने के कारण बिहार को सेंट्रल सेक्टर से 1100 मेगावाट बिजली कम मिल रही है. फरक्का बिजली की चार यूनिटें ठप होने से राज्य को 500 मेगावाट, कांटी बिजलीघर से 110 मेगावाट और बाढ़ बिजलीघर से 500 मेगावाट बिजली नहीं मिल रही है.

फरक्का, बाढ़ और कांटी बिजलीघर से उत्पादन बंद होने के कारण बिहार को सेंट्रल सेक्टर से 1100 मेगावाट बिजली कम मिल रही है. फरक्का बिजली की चार यूनिटें ठप होने से राज्य को 500 मेगावाट, कांटी बिजलीघर से 110 मेगावाट और बाढ़ बिजलीघर से 500 मेगावाट बिजली नहीं मिल रही है.

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जल संकट गहराने के साथ ही इसका प्रतिकुल असर बिहार को मिलने वाली बिजली पर भी पड़ने लगा है. पानी की कमी से फरक्का बिजलीघर और तकनीकी गड़बड़ी के कारण बाढ़ समेत कांटी बिजलीघर से उत्पादन बंद हो गया है.

बिजली का उत्पादन बंद होने से राज्य में बिजली संकट अचानक गहरा गया है. उत्पादन में आई कमी के कारण सेंट्रल सेक्टर से राज्य को दी जाने वाली बिजली में भारी कटौती कर दी गई है. बिजली संकट का असर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखा जा रहा है. बिहार को जरूरत से काफी कम बिजली सप्लाई की जा रही है.

बिजली की जरूरत की बात की जाए तो इसकी आवशयक्ता 4000 मेगावाट की है, जबकि दिन में आपूर्ति घट कर 1600 से 1800 मेगावाट पर आ गई है. सप्लाई कम होने से पूरे दिन शहरों में 4 से 6 घंटे और गांवों में 8 से 10 घंटे बिजली की कटौती करनी पड़ी.

फरक्का, बाढ़ और कांटी बिजलीघर से उत्पादन बंद होने के कारण बिहार को सेंट्रल सेक्टर से 1100 मेगावाट बिजली कम मिल रही है. फरक्का बिजली की चार यूनिटें ठप होने से राज्य को 500 मेगावाट, कांटी बिजलीघर से 110 मेगावाट और बाढ़ बिजलीघर से 500 मेगावाट बिजली नहीं मिल रही है.

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First published: April 28, 2016, 10:07 AM IST
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