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हवा में उड़ने वाली सरकार को चीफ जस्टिस ने बताई जमीनी हकीकत, कहा- लगा वैतरणी पार कर रहा हूं

News18 Bihar
Updated: January 4, 2019, 4:44 PM IST

चीफ जस्टिस ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि NH-106 पर सफर के दौरान ऐसा लगा कि हम सड़क नहीं, बल्कि वैतरणी पार कर रहे हैं.

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पटना हाई कोर्ट ने नेशनल हाइवे 106 के धीमी निर्माण गति पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को बताने को कहा कि सड़क निर्माण कब तक पूरा होगा. चीफ जस्टिस ए पी शाही की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को की गई कार्रवाईयों का ब्योरा 15 दिनों में देने का निर्देश दिया है.

हाई कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि निर्माण करने वाली कंपनी के कारण निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है और अबतक 15 प्रतिशत ही काम हो पाया हैं. केंद्र सरकार ने कंपनी को सुविधाएं दी, लेकिन 3 महीने से नहीं के बराबर काम हो पाया है. मामले पर 21जनवरी को सुनवाई की जाएगी.

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चीफ जस्टिस ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि उत्तर बिहार की निचली अदालतों का निरीक्षण करने गए थे. एनएच 106 पर मधेपुरा में 35 किमी का सफर तय करने में 2 घंटे लग गए. हाईवे के चारों तरफ धूल ही धूल मिला. स्कूली बच्चों और स्थानीय लोग मुंह पर कपड़ा ढंक कर चलते दिखे. अधूरे निर्माण का कारण पूछा, तो जवाब मिला कि ठेकेदार कंपनी दूसरे राज्य की है. ठेकेदार साल भर पहले काम छोड़कर चला गया है. सफर के दौरान ऐसा लगा कि हम सड़क नहीं, बल्कि वैतरणी पार कर रहे हैं. एक साल से हाईवे का काम बंद है और सरकार ठेकेदार पर कार्रवाई की सिर्फ कोशिश कर रही है.

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गौरतलब है कि मधेपुरा में थाना बिहपुर से बीरपुर तक जाने वाली करीब 130 किलोमीटर लंबी सड़क एनएच 106 और पूर्णिया से महेशखुट तक जाने वाली 177 किलोमीटर लम्बी सड़क एनएच 107 बदहाल है. इस सड़क पर मिनटों का सफर घंटों में तय होता है. बीते 29 दिसंबर को बिहार के चीफ जस्टिस एपी शाही जब मधेपुरा पहुंचे तो उन्हें एनएच 106 से मधेपुरा से उदाकिशुनगंज 35 किलोमीटर जाना पड़ा. सड़क की बदहाली के कारण यह दूरी वे करीब डेढ़ घंटे में तय कर पाए. जब वे मधेपुरा पहुंचे तो सड़क की बदहाली पर अधिकारियों को काफी फटकार लगाई.

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आपको बता दें कि इन दोनों सड़क का शिलान्यास 2001 में ही तत्कालीन भूतल एवं परिवहन मंत्री बी.सी. खंडूरी ने किया था, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी. खास बात यह कि एनएच 106 को बनाने की जिम्मेदारी देश की प्रतिष्ठित निर्माण कंपनी IL&FS को दी गई है जबकि 107 का निर्माण गेमन करेगी. एनएच 106 का निर्माण एक वर्ष पहले शुरू हुआ, लेकिन पिछले महीने से इसका निर्माण रुक गया है.

हाल ये है कि सड़क की बदहाली पर सरकार, प्रशासन और सिस्टम एक दूसरे पर मढ़ते रहे. बड़े नेता तो ,मधेपुरा आते हैं लेकिन वे तो हवाई रास्तों से सफर करने वाले नेताओं को जमीन की हकीकत अब चीफ जस्टिस ने बताई है.

बहरहाल बीते 18 वर्षों तक इस एनएच 106 और 107 के सड़क की धूल फांककर और गड्ढों के हिचकोले में झूल कर एक पीढ़ी जवान हो गई, लेकिन सड़क की सूरत आज तक नहीं बदली. माननीय नयायाधीश के स्वतः संज्ञान से मधेपुरा के लोगों में एक बड़ी आशा जगी है शायद इस सड़क का कम अपने नए निर्धारित समय पर हो सके.

रिपोर्ट - तुरबसु
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First published: January 4, 2019, 4:00 PM IST
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