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माफियाओं ने जमीन हड़पने के लिए जीवित युवक को घोषित करवा दिया मृत

TURBASU
Updated: December 13, 2017, 4:43 PM IST

प्रदीप जिन्दा है.... लेकिन उसके हाथ में जो प्रमाणपत्र है यह उसके मृत होने का सबूत है. आखिर जिन्दा प्रदीप का किसने बनाया मृत्यु प्रमाणपत्र, क्यूं बनाया यह प्रमाणपत्र, क्या है इस प्रमाणपत्र का रहस्य.

  • Last Updated: December 13, 2017, 4:43 PM IST
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प्रदीप जिन्दा है.... लेकिन उसके हाथ में जो प्रमाणपत्र है यह उसके मृत होने का सबूत है. आखिर जिन्दा प्रदीप का किसने बनाया मृत्यु प्रमाणपत्र, क्यूं बनाया यह प्रमाणपत्र, क्या है इस प्रमाणपत्र का रहस्य.

मामला बिहार के मधेपुरा जिले का है. जिले के सिंहेश्वर प्रखंड के रुपौली बेलदारी टोला का प्रदीप अपने भाई और भू-माफियाओं के साजिश का शिकार हुआ है. भू-माफियाओं ने उसके भाई से उसके हिस्से की एनएच 106 के किनारे की कीमती जमीन लिखवा ली है. जमीन पर कब्ज़ा दिखाने के लिए भू-माफिया उसका फर्जी प्रमाणपत्र भी बनवा लिए हैं. अब प्रदीप अपने हिस्से की जमीन वापस पाने और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए भटक रहा है.

प्रदीप के बारे में उसके परिजन बताते हैं कि इसके माता पिता बचपन में ही गुजर गए थे. मौसा-मौसी ने लालन-पालन किया. तीन साल पहले यह पंजाब कमाने के लिए चला गया था. कुछ दिन पहले जब प्रदीप के हिस्सेवाली जमीन की घेराबंदी कुछ लोग कर रहे थे तो प्रदीप के मौसा ने उन लोगों को रोका, जिस पर उनलोगों ने जमीन खरीदने की बात कही और प्रदीप का मृत्यु प्रमाणपत्र उसे थमा दिया. प्रदीप के मौसा बताते हैं कि भू-माफिया प्रदीप की हत्या की भी कई बार कोशिश की गई.

मामले में प्रदीप के परिवार वालों का एक चौकाने वाला आरोप यह भी है कि जब से जमीन की बिक्री हुई है तब से ही प्रदीप का बड़ा भाई गायब है. परिवार वालों को आशंका है कि कहीं उसकी हत्या न हो गई हो.

वहीं इस प्रकरण पर सिंहेश्वर के बीडीओ अजित कुमार ने बताया कि मृत्यु प्रमाणपत्र गांव के आंगनबाड़ी सेविका द्वारा निर्गत है. उसमें मृत्यु स्थान भी नहीं दिया गया है. जब इस संबंध में सेविका से पूछा गया तो उन्होंने इस प्रमाणपत्र को फर्जी बताया है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच करायी जा रही है.

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First published: December 12, 2017, 11:38 PM IST
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