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Madhepura News : ऑटो ड्राइवर की बेटी ने बनाया ऑटोमेटिक रेलवे क्रॉसिंग फाटक, जानें कैसे करता है काम

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ऑटोमेटिक

ऑटोमेटिक रेलवे क्रॉसिंग फाटक.

प्रोजेक्ट बनाने में मदद करने वाले जूनियर साइंटिस्ट आनंद विजय ने बताया कि यह प्रोजेक्ट काफी बेहतर है. अगर केंद्र सरकार य ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – रविकांत कुमार

मधेपुरा. बिहार के ग्रामीण इलाकों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उसे और तराशने की जरूरत है. ऐसी ही एक प्रतिभा उभरकर सामने आई है. मधेपुरा के एक ऑटो ड्राइवर की बेटी ने ऑटोमेटिक रेलवे क्रॉसिंग फाटक बनाया है. इसकी विशेषता जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

दरअसल, मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड- 14 गायत्री नगर निवासी ऑटो ड्राइवर जयनंदन मेहता और फूल माला देवी की पुत्री काजल कुमारी ने अपने पॉकेट मनी से ऑटोमेटिक रेलवे क्रॉसिंग फाटक बनाया है. काजल बताती हैं कि इस ऑटोमेटिक रेलवे क्रॉसिंग फाटक इस्तेमाल होने से रेलवे फाटक पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है.

सेंसर का किया गया है इस्तेमाल

इसमें सेंसर और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. ट्रेन के आते ही यह फाटक ऑटोमेटिक बंद हो जाएगा. काजल बताती हैं कि इस फाटक का डिजाइन ऐसा है कि इसके नीचे या अगल-बगल से कोई भी व्यक्ति रेलवे फाटक को क्रॉस नहीं कर पाएगा. वह बताती है कि रेल मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार रेलवे दुर्घटना में होने वाली मौत में 70% मौत रेलवे फाटक पर ही होती है.

7000 हजार का आया है खर्च

काजल ने बताया कि इस उपकरण को बनाने में 7000 रुपए का खर्च आएगा. कुछ खर्च उसे विद्यालय की ओर से उपलब्ध कराया गया और कुछ घर से. सरकार और प्रशासन की ओर से सहायता मिले तो वह और बेहतर कर पाएगी. काजल ने बताया कि उसका ऑटोमेटिक रेलवे फाटक हाल ही में बिरला एचडीएल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम कोलकाता में आयोजित पूर्वी भारत विज्ञान एवं अभियांत्रिकी मेला में भी प्रदर्शित हो चुका है, जहां इसे खूब सराहा गया.

सरकार से लगाई मदद की गुहार

काजल बताती हैं कि उसके पिता ऑटो ड्राइवर और मां गृहिणी है. इस वजह से उसे घर से पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं मिल पाती है. अगर उसे जिला प्रशासन या सरकार से प्रोत्साहन के लिए सहयोग प्राप्त होगा तो वह और भी बेहतर कर पाएगी.

काजल शहर के शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के कक्षा नौ की छात्रा है. उसे स्कूल की ओर से थोड़ी आर्थिक मदद भी मिली है, उसे प्रोजेक्ट बनाने में मदद करने वाले जूनियर साइंटिस्ट आनंद विजय ने बताया कि यह प्रोजेक्ट काफी बेहतर है. अगर केंद्र सरकार या रेल मंत्रालय की ओर से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जाए, तो रेलवे क्रॉसिंग फाटक पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है.

Tags: Bihar News, Madhepura news

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