अंतिम संस्कार के लिये दबंगों ने नहीं दी जमीन तो शव को गौशाला में ही दफनाया

गांव के रामचंद ने बताया कि पूर्व में एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो चुका था इसलिए महिला के मरने पर घर में ही उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

News18 Bihar
Updated: September 12, 2018, 5:57 PM IST
अंतिम संस्कार के लिये दबंगों ने नहीं दी जमीन तो शव को गौशाला में ही दफनाया
मामले की जानकारी देता पीड़ित परिवार
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Updated: September 12, 2018, 5:57 PM IST
आजादी के 70 साल बाद भी बिहार के एक गांव में गरीब परिवार के लोगों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए दो गज जमीन नसीब नहीं हो सकी है. मजबूरन उनका अंतिम संस्कार घर में ही किया जाता है. मामला बिहार के मधेपुरा जिले का है.

मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड के केवटगामा के कुछ परिवार जो काफी पिछड़े हैं अपने परिजनों के शव को घर में ही जलाते या दफनाते हैं. ये अंतिम संस्कार वो न तो जान बुझ कर और ना ही इच्छा से करते हैं बल्कि उन्हें ऐसा गांव के दबंगों के खौफ से करना होता है. दरअसल गांव के ही जमींदार और किसान मजदूर तबके के इन लोगों को अपनी जमीन या उसके आसपास के सरकारी जमीन में शवों का अंतिम संस्कार करने की इजाजत नहीं देते हैं लिहाजा परिजन डर कर अंतिम संस्कार अपने घर में ही करते हैं.

ताजा मामला 40 वर्षीय सोहागिया देवी की मौत से जुड़ा है जिसका अंतिम संस्कार परिवार के लोगों ने घर के ही गौशाला में किया. गांव के रामचंद ने बताया कि पूर्व में एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो चुका था इसलिए घर में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया.

मामले की जानकारी के बाद ही मधेपुरा प्रशासन भी हरकत में आया. एसडीएम वृंदा लाल ने गांव पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि यदि गांव में सार्वजनिक शम्शान नहीं होगा तो सरकारी जमीन चिन्हित कर शम्शान बनवाया जाएगा.

रिपोर्ट- तुरबसु शचिन्द्र
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