Harlakhi Assembly Seat: जीतकर भी खाली रह गई रालोसपा की झोली, इस बार क्‍या होगा?

Harlakhi Assembly Seat Profile: हरलाखी में बदले समीकरण के बीच चुनाव के चिलचस्‍प होने की उम्‍मीद है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
Harlakhi Assembly Seat Profile: हरलाखी में बदले समीकरण के बीच चुनाव के चिलचस्‍प होने की उम्‍मीद है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Harlakhi Assembly Seat Profile: वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में हरलाखी सीट से RLSP प्रत्‍याशी बसंत कुमार जीते थे. उनके निधन के बाद साल2016 में यहां उपचुनाव हुआ था और बसंत के बेटे को सुधांशु को टिकट दिया गया था. जीत के बाद वह JDU में चले गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 11:23 AM IST
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मधुबनी. बिहार की चुनावी राजनीति में मधुबनी जिले का महत्‍वपूर्ण स्‍थान है. मधुबनी संसदीय क्षेत्र में विधानसभा की 10 सीटें हैं, ऐसे में हर राजनीतिक दल की इस क्षेत्र पर नजर रहती है. इस बार के असेंबली इलेक्‍शन में भी सत्‍तारूढ़ और विपक्षी दलों की इस संसदीय क्षेत्र पर नजर है. सभी राजनीतिक पार्टियां यहां ज्‍यादा से ज्‍यादा सीटें जीतने की कोशिश में रहती हैं, ताकि बिहार की राजनीति में अपना असर छोड़ सकें. मधुबनी संसदीय क्षेत्र की 10 विधानसभा सीटों में से हरलाखी असेंबली सीट भी एक है. यहां वर्ष 2015 में चुनाव के बाद तत्‍कालीन विधायक के निधन के बाद अगले साल (साल 2016) उपचुनाव भी कराना पड़ा था. पिछला चुनाव भी महागठबंधन बनाम NDA हुआ था और इस बार का चुनाव भी इन्‍हीं दो गठजोड़ के प्रत्‍याशियों के बीच होने की उम्‍मीद है. बस कुछ दलों के पाला बदलने से राजनीतिक समीकरण जरूर बदल गए हैं. बता दें कि हरलाख उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद सुधांशु शेखर ने JDU का दामन थाम लिया, जिसके कारण रालोसपा की झोली जीतकर भी खाली रह गई.

पिछले 4 चुनावों में भाकपा प्रत्‍याशी दो बार विजयी
हरलाखी विधानसभा सीट पर वामपंथी दलों का भी व्‍यापक असर और राजनीतिक प्रभाव रहा है. यही वजह है कि पिछले 4 विधानसभा चुनावों में से दो बार भाकपा प्रत्‍याशी यहां से विजयी रहे. फरवरी 2005 और अक्‍टूबर 2005 में हुए चुनावों में भाकपा के रामनरेश पांडेय विजयी रहे थे. इसके बाद साल 2010 के विधानसभा चुनाव में JDU के शालिग्राम यादव ने बाजी मारी थी. लेकिन, वर्ष 2015 के चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदले और राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा-RLSP) के प्रत्‍याशी बसंत कुमार ने जीत का परचम फहराया.

जीतकर भी रालोसपा के हाथ खाली
रालोसपा के विधायक बसंत कुमार के निधन के बाद हरलाखी विधानसभा सीट पर वर्ष 2016 में उपचुनाव कराया गया था. पार्टी ने हरलाखी से बसंत के बेटे सुधांशु शेख्‍र को टिकट दिया था. सुधांशु ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्‍याशी मोहम्‍मद शब्‍बीर को हरा कर पिता की चुनावी राजनीति की विरासत को आगे बढ़ाया. उपचुनाव में भाकपा प्रत्‍याशी रामनरेश पांडेय तीसरे स्‍थान पर रहे थे. बता दें कि हरलाख विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,58,296 मतदाता पंजीकृत थे. उपचुनाव में इनमें से 1,34,801 वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल किया था.
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