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जीतन राम मांझी का 'सफलता मंत्र', बोले- बिहार में CM प्रत्याशी घोषित कर चुनाव लड़े महागठबंधन
Gaya News in Hindi

arun chourasia | News18 Bihar
Updated: December 26, 2019, 7:37 PM IST
जीतन राम मांझी का 'सफलता मंत्र', बोले- बिहार में CM प्रत्याशी घोषित कर चुनाव लड़े महागठबंधन
एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर पीएम और गृह मंत्री का बयान विरोधभासी- मांझी

पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा है कि झारखंड में गठबंधन को मिली जीत से सबक लेते हुए बिहार में भी महागठबंधन को इस रास्ते को अपनाना चाहिए. अगर सीएम पद के प्रत्याशी के रूप में तेजस्‍वी यादव के नाम पर सभी दल तैयार होते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

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गया. गया के गोदावरी स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने एनआरसी, नागरिकता संशोधन कानून(Citizenship Amendment Act), आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) और महागठबंधन जैसे मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी है. झारखंड चुनाव के परिणामों की चर्चा करते हुए मांझी ने कहा कि वहां हेमन्त सोरेन को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करके पूरी तैयारी के साथ महागठबंधन ने चुनाव लड़ा था, जिसकी वजह से जनता का भरपूर समर्थन मिला. झारखंड में मिली जीत से सबक लेते हुए बिहार में भी महागठबंधन को इस रास्ते को अपनाना चाहिए. सभी दलों के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए समन्वय समिति का गठन होना चाहिए और उसमें आन्दोलन के साथ ही मुख्‍यमंत्री पद के प्रत्याशी की भी पहले से घोषणा होनी चाहिए.

तेजस्‍वी यादव को लेकर ये बाले मांझी
सीएम पद के प्रत्याशी के रूप में विरोध दल के नेता तेजस्वी यादव के नाम पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि अभी वे राजद के सीएम प्रद के प्रत्याशी है. इसको लेकर समन्वय समिति में चर्चा की जाए. अगर महागठबंधन के सीएम पद के प्रत्याशी के रूप में उनके नाम पर सभी दल तैयार होते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं हैं. वे तो बस इतना चाहते हैं कि महागठबंधन अपना नेता चुनकर झारखंड की तरह ही पूरी तैयारी और समन्वय के साथ चुनाव मैदान में उतरे. साथ ही उन्‍होंने कहा कि अगर इस बात पर अमल होता है तो महागठबंधन को झारखंड से भी बड़ी सफलता बिहार में मिल सकती है.

पीएम और गृह मंत्री पर साधा निशाना

एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व सीएम ने कहा कि एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और अमित शाह के बयानों में विरोधाभास दिख रहा है, जिससे देश के लोग भ्रमित हो रहे हैं. एनआरसी से दलित, आदिवासी, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समाज की बड़ी आबादी प्रभावित होने जा रही है. इसलिए वे इस मुद्दे का विरोध कर रहे हैं.

ओवैसी के साथ मंच साझा करने से कोई गुरेज नहीं

एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर मांझी को ओवैसी के साथ मंच साझा करने में कोई दिक्‍कत नहीं हैं, क्योंकि भारत सरकार का हाल का कदम बाढ़ जैसी आपदा वाला है, जिसमें पानी से बचने के लिए सांप, बिच्छू समेत कई जानवर एक साथ एक पेड़ पर चढ़ जाते हैं. इसलिए वे एनआरसी के विरोध में किशनगंज में बुलाई गयी मीटिंग में शामिल होने जा रहें हैं, लेकिन इसमें शामिल होने के पीछे ओवैसी के साथ किसी तरह की राजनीतिक साझेदारी करना नहीं है.मोहन भागवत को लेकर ये बोले मांझी

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के देश के सभी 125 करोड़ नागरिक के हिंदु होने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि हिन्दुस्तान में रहने वाले सभी लोगों को भौगोलिक रूप से हिन्दु कहा जा सकता है, लेकिन धार्मिक और पूजा पद्धति के अनुसार हिन्दु कहना सर्वथा गलत है. जबकि बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा था कि जिस दिन भारत को धार्मिक रूप से हिन्दु देश बनाने की कोशिश होगी उसी दिन से इस देश का विनाश शुरू हो जाएगा.

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First published: December 26, 2019, 7:04 PM IST
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