पूर्वी चम्पारण में AES का कहर: मोतिहारी में अब तक 12 बच्चों की मौत, 12 नए मरीज भर्ती

सदर अस्पताल में पहले से भर्ती पांच और नए 12 मरीजों के साथ यहां इलाजरत मरीजों की संख्या 17 पहुंच गई है. जिले के 12 बच्चों की मौत होने की पुष्टि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने की है.

News18 Bihar
Updated: June 18, 2019, 10:35 PM IST
पूर्वी चम्पारण में AES का कहर: मोतिहारी में अब तक 12 बच्चों की मौत, 12 नए मरीज भर्ती
चमकी बुखार से पीड़ित 12 बच्चे मोतिहारी में भर्ती हुए हैं (File Photo)
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Updated: June 18, 2019, 10:35 PM IST
बिहार के पूर्वी चम्पारण में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. मंगलवार को चमकी बुखार से पीड़ित 12 नए बच्चे मोतिहारी के सदर अस्पताल में पहुंचे हैं. सदर अस्पताल में 17 बच्चों का इलाज जारी है. वहीं बच्चों की मौत का आकंड़ा बढ़ता ही जा रहा है. जिले के अब तक 12 बच्चों की मौत इलाज के दौरान हो चुकी है.

जिले के सभी 27 प्रखंडों में चमकी का प्रकोप


तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण पूर्वी चम्पारण जिले में चमकी बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है. चमकी का प्रकोप जिले के सभी 27 प्रखंडों में देखने को मिल रहा है. जिले के विभिन्न प्रखंडों से मंगलवार को 12 नए मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से गम्भीर हालत में रेफर होकर मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचे हैं. सदर अस्पताल में पहले से भर्ती पांच और नए 12 मरीजों के साथ यहां इलाजरत मरीजों की संख्या 17 पहुंच गई है. जबकि चकिया, मेहसी, अरेराज, संग्रामपुर, ढाका और रामगढवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा रहा है. जिले के 12 बच्चों की मौत होने की पुष्टि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने की है. चकिया और मेहसी में पांच बच्चों की मौत हुई है. जबकि पूर्वी चम्पारण के सात बच्चों की मुजफ्फरपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई हैं.

सिविल सर्जन डॉ. ब्रज कुमार सिंह ने कहा, 'चमकी बुखार से जिले के अबतक 12 बच्चों की मौत हो गई है. जबकि 17 मरीज अभी भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें से 12 लोग तो आज भी अस्पताल में भर्ती हुए हैं'.


पीकू वार्ड में एसी ने काम करना बन्द किया
अब चमकी बुखार से पीड़ित होने के बाद परिजन बच्चों को लेकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं. समय से इलाज होने के कारण पीड़ित बच्चों की जान को बचाया जा सका है. इधर बिजली की अनियमित आपूर्ति से पीकू वार्ड में एसी ने काम करना बन्द कर दिया. जिससे पीड़ित बच्चों की परेशानी बढ़ती जा रही है. परिजन हाथ के पंखा के सहारे बच्चों को ठंडक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. इधर चकिया के एक मासूम की मौत मुजफ्फरपुर में इलाज के दौरान हो गई है. जिसका शव भुवन छपरा गांव में पहुंचने पर गांव में मातम का माहौल रहा.

चकिया पंचायत समिति के सदस्य अशोक सिंह ने कहा कि बताया कि बच्चा चमकी बुखार से पीड़ित था. उसे मुजफ्फरपुर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. जहां उसकी मौत हो गई.

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इधर पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टर अनिल कुमार सिन्हा मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती बच्चों को खतरे से बाहर बताते हैं. उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचने के लिए जागरुकता और सतर्कता ही सटीक उपाय है.

(रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा)

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