बिहार: मंगलवार को सत्तरघाट महासेतु का उद्घाटन करेंगे CM नीतीश, 6 जिलों की 40 लाख आबादी को मिलेगा बड़ा बाजार
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बिहार: मंगलवार को सत्तरघाट महासेतु का उद्घाटन करेंगे CM नीतीश, 6 जिलों की 40 लाख आबादी को मिलेगा बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 264 करोड़ की लागत से बने सत्तर घाट पुल का उद्घाटन किया.

नवनिर्मित पुल का निरीक्षण करने के बाद पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि गंडक नदी (Gandak River) पर 263.47 करोड़ की लागत से बने इस पुल के चालू हो जाने के बाद पुल से पटना से मसरख होते हुए रक्सौल तक सीधा रास्ता उपलब्ध होगा.

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गोपालगंज. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (chief-minister Nitish kumar ) मंगलवार को सत्तरघाट महासेतु का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे. शिलान्यास के आठ साल बाद बनकर तैयार हुआ यह पुल सारण और तिरहुत प्रमंडलों को जोड़ने का अहम जरिया बन जाएगा. बता दें कि 20 अप्रैल 2012 को मुख्यमंत्री ने नारायणी नदी (स्थानीय स्तर पर गंडक को नारायणी नदी भी कहते हैं) पर सत्तरघाट महासेतु का शिलान्यास किया था. 1440 मीटर लंबे पुल का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने किया है. यह पुल गंडक नदी पर बैकुंठपुर से चकिया को जोड़ेगा. इससे सीवान, छपरा, गोपालगंज होते हुए नेशनल हाइवे 28 के जरिए उत्तर बिहार के जिले आपस में जुड़ जाएंगे. सीएम नीतीश सत्तर घाट पुल के साथ लखीसराय बाइपास का उद‌्घाटन करेंगे, जिसके निर्माण में 146.31 करोड़ रुपए की लागत आयी है.

बता दें कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा पुल का निर्माण वशिष्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी से कराया गया है. पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ नवनिर्मित पुल का निरीक्षण करने के बाद पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि गंडक नदी पर 263.47 करोड़ की लागत से बने इस पुल के चालू हो जाने के बाद पुल से पटना से मसरख होते हुए रक्सौल तक सीधा रास्ता उपलब्ध होगा.

महासेतु का उद्घाटन होने से गोपालगंज, सारण, पूर्वी चंपारण,  मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों के करीब 40 लाख से अधिक की आबादी को फायदा होगा.  तिरहुत और सारण प्रमंडलों के बीच आवागमन आसान हो गया है. व्यापार जगत के साथ दिलों के रिश्ते भी मजबूत होंगे.



264 करोड़ की लागत से बना है सत्तर घाट पुल.

मंगलवार कोउ द्घाटन के दौरान गोपालगंज और पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे. इस दौरान सतरघाट पुल स्थल के समीप समीप लोगों की बैठने की व्यवस्था होगी जिसमें कई मंत्री और सासंद और विधायक शामिल होंगे. इस दौरान पुल के दोनों सीमा सील कर दिया जायेगा.

जदयू प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह ने बताया की इस पुल से पटना से रक्सौल और नेपाल के बीरगंज की दूरी कम हो जाएगी. इस पुल के बनने के बाद नक्सलियो के गढ़ कहे जाने वाले इस इलाके में अब विकास की गति तेज होगी और किसानो को अपनी फसल को बेचने के लिए बड़ा बाजार मिलेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 अप्रैल 2012 को इस पुल का शिलान्यास किया था और इसके पूरा होने की डेडलाइन तीन साल पूर्व की थी.

(रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा/मुकेश कुमार)

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