• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • किसान रेलः गुजरात से 256 टन आलू लेकर मोतिहारी पहुंची ट्रेन तो लोगों ने की पूजा

किसान रेलः गुजरात से 256 टन आलू लेकर मोतिहारी पहुंची ट्रेन तो लोगों ने की पूजा

पीएम नरेंद्र मोदी की किसान रेल योजना के तहत पहली बार गुजरात से मोतिहारी पहुंची ट्रेन.

पीएम नरेंद्र मोदी की किसान रेल योजना के तहत पहली बार गुजरात से मोतिहारी पहुंची ट्रेन.

Champaran News: किसानों की उपज को सीधे बाजार तक पहुंचाने के लिए रेल और कृषि मंत्रालय ने मिलकर किसान रेल की शुरुआत की है. कहा जा रहा है कि इसका फायदा अब अलग-अलग राज्यों के किसान उठा भी रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

मोतिहारी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक देश के किसानों की आमदनी को दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था. कहा गया है कि किसान रेल योजना इस दिशा में कारगर साबित हो रहा है और इस योजना के माध्यम से किसानों को घर बैठे बाजार मुहैया हो रहा है, साथ ही किसानों को अपनी फसलों के उचित दाम भी मिल रहे हैं.

किसान रेल- एक ऐसी ट्रेन है जो किसानों के लिए आर्थिक उड़ान का माध्मय बनती जा रही है. अब किसानों को मंडी तलाशने की जरूरत नहीं है. किसान रेल अन्नदाताओं को बाजार मुहैया करा रहा है. ऐसी ही एक ट्रेन गुजरात से आलू लेकर बिहार के मोतिहारी पहुंची तो लोगों ने जोरदार स्वागत किया.

गुजरात के किसानों का आलू बिहार पहुंच चुका है. मोतिहारी के बापूधाम में किसान रेल का भव्य स्वागत किया गया. कई आलू व्यापारियों ने किसान रेल योजना की जमकर तारीफ की हैऔर बिहार के किसानों को भी किसान रेल से फायदा उठाने की बात कही है. कहा जा रहा है कि नए कृषि कानून के बाद किसानों की खुशहाली डबल हो रही है. गुजरात का आलू लेकर आई पहली किसान ट्रेन का भव्य स्वागत किया गया और विधि-विधान से पूजा- पाठ भी किया गया.

किसान रेल के चलने से मोतिहारी व गुजरात के किसानों के साथ व्यापारी भी बेहद खुश हैं.

आधे किराये में आई किसान रेल

केंद्र सरकार की ओर से किसान ट्रेन के लिए मोदी सरकार की ओर से किराए में 50 फीसद की सब्सिडी दी जा रही है. यानी किसानों से आधा भाड़ा लिया जा रहा है. कहा जा रहा है कि अगर किराया आधा लगेगा तो किसानों की फसलों के वाजिब दाम देने में व्यापारियों को कोई दिक्कत नहीं होगी. ऐसे में किसान रेल योजना से हमारे अन्नदाता मालामाल हो रहे हैं. वहीं, व्यापारियों के लिए भी ये अच्छी योजना साबित हो रही है.

बिहार के किसान भी इससे सीख लें

गुजरात के हिम्मतनगर से 256 टन आलू मोतिहारी भेजा गया. इतने आलू का भाड़ा 13 लाख रुपये और एक सप्ताह का समय लगता. लेकिन किसान रेल की मदद से आधे भाड़े में गुजरात का आलू मोतिहारी पहुंच गया. व्यापारियों को सिर्फ पांच लाख 60 हजार रुपये खर्च करने पड़े. बाजार समिति के अध्यक्ष कहते हैं कि बिहार के किसान भी इससे सीख लें, ताकि आने वाले दिनों में वो भी अपनी फसलों को सीधे दूसरे राज्यों में भेज सकें.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज