मोतिहारी: 36 घंटे बाद भी नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम, पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप

आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया

आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया

परिजनों ने पुलिस पर आरोपी को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया है. इसको लेकर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया.

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शनिवार को पूर्वी चम्पारण के चकिया के साऊथ इंडियन पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में 13 साल के एक छात्र विक्रम की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी. बताया गया था कि बच्चे की मौत हॉस्टल में बेरहमी से की गई पिटाई के कारण हुई है. मामला चकिया थाने में दर्ज करवा दिया गया, लेकिन लगभग दो दिन बीत जानेक के बाद भी बच्चे का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया गया है.



परिजनों ने पुलिस पर आरोपी से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए  कहा है कि वह आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है. आरोपी को बचाने की कोशिश के आरोपों के बीच इस मामले को लेकर आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया.



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आपको बता दें कि पुलिस ने बच्चे के शव को कल ही मुजफ्फरपुर भेज दिया था, लेकिन लगभग दो दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं होने से लोग आक्रोशित हो गए. गुस्साए लोगों ने मेहसी के मंगराही चौक को आज जाम कर दिया. जिससे मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आने-जाने वाले वाहनों पर असर पड़ा.
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बहरहाल इस मामले में पुलिस के ढीले ढाले रवैया उस वक्त भी सामने आया जब जिले के एसपी उपेन्द्र शर्मा ने भी यही कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है. जाहिर है पुलिस एक तो अपनी जिम्मेदारी से बचना चाह रही है दूसरा पुलिस के लापरवाह रवैये के कारण मासूम छात्र के परिजनों के न्याय मिलना संभव नहीं लग रहा है. दरअसल पोस्टमॉर्टम मे ंजितनी देरी होगी, सही रिपोर्ट आना भी संदिग्ध रहेगा.



रिपोर्ट- मुकेश कुमार सिन्हा



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