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जब शहाबुद्दीन के सामने दो भाइयों को तेजाब से नहला कर मार दिया गया

जब शहाबुद्दीन के सामने दो भाइयों को तेजाब से नहला कर मार दिया गया

गिरीश, सतीश और राजीव की फाइल तस्वीर

गिरीश, सतीश और राजीव की फाइल तस्वीर

रोंगटे खड़े कर देने वाली ये वारदात 16 अगस्त 2004 की है. जगह सीवान जिले का प्रतापपुर गांव जहां शहाबुद्दीन का घर भी है. जान की भीख मांगते दो सगे भाइयों पर आहिस्ता आहिस्ता गिरता तेजाब उनकी सांसे थाम रहा था.

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    रोंगटे खड़े कर देने वाली ये वारदात 16 अगस्त 2004 की है. जगह सीवान जिले का प्रतापपुर गांव जहां शहाबुद्दीन का घर भी है. जान की भीख मांगते दो सगे भाइयों पर आहिस्ता आहिस्ता गिरता तेजाब उनकी सांसे थाम रहा था.

    देखते ही देखते गिरीश राज और सतीश राज का शरीर बेजान हो गया और जली गली लाश पुलिस ने बरामद की.

    घटना वाले दिन सीवान के गोशाला रोड वाले घर से और शहर की दुकान से चंदा बाबू के तीनों बेटों को अगवा कर लिया गया. दरअसल राजकुमार शाह की नजर चंदा बाबू की जमीन पर थी पर उसकी दाल गल नहीं रही थी. उस दिन भी पहले झगड़ा हुआ फिर बेटों को अगवा किया गया.

    गिरीश, सतीश और राजीव को बंधक बनाकर शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर ले जाया गया. जब सतीश और गिरीश को शहाबुद्दीन के गुर्गे तेजाब से नहा रहे थे तभी राजीव किसी तरह जान बचाकर भाग निकला.

    वो इस मामले का मुख्य गवाह बना लेकिन 2014 में कोर्ट में पेशी से ठीक पहले उसकी भी सीवान में हत्या कर दी गई. डीएवी गोल चक्कर के पास हुई हत्या में मुख्य अभियुक्त शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा ही है.

    तमाम दबावों के बावजूद चंदा बाबू न्याय की लड़ाई लड़ते रहे. उनका चौथा बेटा शारीरिक रूप से अक्षम है.

    Tags: Bihar News, Mohammad shahabuddin

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