गुड न्यूज! कोरोना 'फ्री जोन' हुआ मुंगेर, संक्रमित सभी 6 मरीज ठीक होकर वापस घर लौटे
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गुड न्यूज! कोरोना 'फ्री जोन' हुआ मुंगेर, संक्रमित सभी 6 मरीज ठीक होकर वापस घर लौटे
मुंगेर में कोरोना वायरस से संक्रमित अब एक भी मरीज नहीं है.

मुंगेर में कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला सबसे पहले 22 मार्च को तब सामने आया था जब पटना एम्स में इलाज के दौरान 21 मार्च को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चुरम्बा गांव में रहने वाले युवक की मौत हो गई. इसके बाद 22 मार्च को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी.

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मुंगेर. बिहार के सिवान और बेगूसराय में बढ़ते कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) मरीजों की संख्या के बीच मुंगेर से एक राहत भरी खबर सामने आई है. यहां कुल सात कोरोना संक्रमित मरीजों में से छह बिल्कुल ठीक हो गए हैं और उन्हें वापस घर भेज दिया गया है. हालांकि एहतियातन अभी वे सभी होम क्‍वारंटाइन में ही रखे गए हैं. जबकि एक व्यक्ति की मौत पहले ही हो चुकी थी.

ठीक होकर वापस घर लौटे छह मरीज
दरअसल 21 मार्च को चुरम्बा निवासी युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच के प्रथम और द्वितीय चरण में अब तक मात्र 7 लोगों की ही रिपोर्ट पॉजिटिव पायी गयी. इसमें से 6 कोरोना से जंग जीत अस्पताल से अपने घर लौट चुके हैं.

वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए कुल 285 लोगों की सैम्पल जांच में अबतक 278 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने से यह चेन ब्रेक होने का भी संकेत हैं. डीएम ने भी जिले में अब एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं होने की पुष्टि कर दी है.



22 मार्च को सामने आया था पहला केस


बता दें कि ज़िले में कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला सबसे पहले 22 मार्च को तब सामने आया था जब पटना एम्स में इलाज के दौरान 21 मार्च को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चुरम्बा गांव में रहने वाले युवक की मौत हो गई. जिसके शव को उसके परिजन 21 मार्च की रात ही घर ले आये. वहीं 22 मार्च की सुबह मो. सैफ का रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद ज़िले में हड़कंप मच गया था.

इसके बाद जिला प्रशासन और स्वस्थ्य विभाग द्वारा अपनी निगरानी में उसके शव को दफनाया गया. साथ ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक मो. सैफ के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची बनाई जानी शुरू की गई. जिसमें पहले चरण में उसके संपर्क में आने वाले कुल 68 लोगों की एक सूची बनाई गई. जो धीरे-धीरे बढ़कर अब 285  तक पहुंच गई. इसमें अधिकांश लोगों मृतक के संपर्क में आने वाले हैं.

जिले में ऐसे फैला कोरोना
चुरम्बा निवासी मृतक मो. सैफ सऊदी अरब के दोहा कतर में पिछले 2 वर्षों से ट्रक ड्राइवर का काम करता था. 13 मार्च को वह कतर से मुंबई आया. जहां से वह दिल्ली और फिर पटना पहुंचा. इसके बाद वह पटना से सड़क मार्ग से मुंगेर अपने घर पहुंचा था. मुंगेर आने के बाद 16 मार्च को उसकी तबीयत ख़राब हुई.

इसके बाद उसके परिजन उसे बेकापुर स्थित जीवन अवतार हॉस्पिटल, सदर अस्पताल और  नेशनल हॉस्पिटल ले गए. जहां से डॉक्टरों ने उसे जांच के बाद पटना रेफर कर दिया. इसके बाद नेशनल हॉस्पिटल के ही एक एम्बुलेंस से उसके परिजन उसे पटना के शरणम हॉस्पिटल ले गए. वहां से भी डॉक्टरों द्वारा उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया.

लेकिन, पीएमसीएच में मो. सैफ को भर्ती नहीं किये जाने पर उसके परिजन उसे पटना एम्स ले कर चले गए. जहां इलाज के दौरान 21 मार्च को उसकी मौत हो गई. जिसके बाद उसी दिन उसके परिजन उसके शव को एम्बुलेंस द्वारा लेकर मुंगेर आ गए. 22 मार्च की सुबह उसके जांच का रिपोर्ट आयी. जिसमें उसके कोरोना पॉजिटिव आने की बात सामने आई. इसके बाद से ही जिले में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीज मिलने का सिलसिला आरंभ हुआ. वर्तमान में जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 0  है.

सिविल सर्जन ने कही ये बात
सिविल सर्जन डॉ. पुरूषोत्तम कुमार ने बताया की कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन और स्वस्थ्य विभाग द्वारा ज़िले के 9 प्रखंडों में कुल 9 आइसोलेशन वार्ड और 128 कोरोनटाइन वार्ड बनाए गए हैं. 8  अप्रैल तक 161 बेड के 9 आइसोलेशन वार्ड में कुल 17  मरीज अत्यधिक संदिग्ध मरीज भर्ती हैं. वहीं 4,339 बेडों वाले 128 क्‍वारंटाइन वार्ड में 363  संदिग्ध मरीजों को रखा गया है.

सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग द्वारा ज़िले में 170 लोगों की सूची भेजी गई है. जो हाल के दिनों में विदेशों से लौटे हैं. वहीं जिला स्वस्थ्य विभाग द्वारा बाहर के राज्यों से आने वाले 5,665  लोगों की सूची बनाई गई है. डॉक्टरों द्वारा उनके स्वस्थ्य पर लगातार नज़र रखी जा रही है.

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