Munger : कोढ़ा गैंग में दी जाती थी लूट की ट्रेनिंग, गिरफ्तार बदमाशों ने किया कबूल

गिरफ्तार किए गए बदमाशों के पास से बरामद तमंचे का प्रदर्शन करतीं एसपी लिपि सिंह.
गिरफ्तार किए गए बदमाशों के पास से बरामद तमंचे का प्रदर्शन करतीं एसपी लिपि सिंह.

गिरोह के सदस्य कटिहार से आकर भागलपुर के सुल्तानगंज में ठहरते थे. सुल्तानगंज से मुंगेर आकर खड़गपुर और तारापुर क्षेत्रों में रेकी करते थे और फिर बैंक के आसपास लूट की वारदात को अंजाम दिया करते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 10:19 PM IST
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जमालपुर. मुंगेर (Munger) जिला के खड़गपुर थाना क्षेत्र में छिनतई कर भाग रहे बदमाशों को स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ने के बाद पुलिस ने दावा किया है कि इनकी गिरफ्तारी (Arrest) से खड़गपुर, असरगंज और शामपुर ओपी क्षेत्रों में हुए लूटकांड का खुलासा हो गया. पुलिस ने बताया कि इन वारदात में कोढ़ा गैंग की संलिप्तता थी और असरगंज की घटना को जमुई लखीसराय के अपराधियों ने अंजाम दिया था. इस बारे में मुंगेर की पुलिस अधीक्षक (Police Superintendent) लिपि सिंह (Lipi Singh) ने बताया कि खड़गपुर थाना क्षेत्र में चालीस हजार रुपए की छिनतई कर भाग रहे बदमाशों को स्थानीय जनता के सहयोग से पकड़ने के बाद हुई पूछताछ में ये बातें सामने आईं. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों के पास से हथियार (Arms) बरामद हुए हैं. खड़गपुर थाना क्षेत्र में हुई लूट की वारदात के बाद रंजीत यादव और रितेश ग्वाला को गिरफ्तार किया गया. उनकी निशानदेही पर सुल्तानगंज और कटिहार में छापामारी (Raid) की गई है. गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान हो गई है और उनकी तलाश में छापामारी की जा रही है.

पहले रेकी, फिर वारदात

गिरफ्तार अपराधियों ने खुलासा किया है कि गिरोह के सदस्य कटिहार से आकर भागलपुर के सुल्तानगंज में ठहरते थे. सुल्तानगंज से मुंगेर आकर कोढ़ा गैंग के सदस्य खड़गपुर और तारापुर क्षेत्रों में रेकी करते थे. अक्सर गिरोह के कुछ सदस्य बैंक के आसपास रेकी करते थे और गिरोह के दूसरे सदस्यों लूट की वारदात को अंजाम दिया करते थे. गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.



कोढ़ा गैंग का ट्रेनिंग सेंटर
कोढ़ा गैंग के सदस्य पूरी ट्रेनिंग लेकर लूट की घटनाओं में शामिल होते हैं. गिरोह के सदस्यों को पहले डिग्गी का ताला खोलना, बाइक का ताला मास्टर की से खोलना सिखाया जाता है. इसके बाद बाइक चलाना सिखाया जाता है. गिरोह के सदस्य फास्ट बाइक रखते हैं और काफी तेज रफ्तार में बाइक चलाने की ट्रेनिंग लेते हैं. गिरोह के सदस्यों ने खुलासा किया है कि लगभग तीन महीने तक इन लोगों ने बाइक चलाने की ट्रेनिंग ली थी. काफी तेज रफ्तार में बाइक चलाना और अचानक से रोककर बाइक को विपरीत दिशा में भगाने की ट्रेनिंग दी जाती है. डिग्गी का लॉक खोल देना और चलती गाड़ी में भी डिक्की का लॉक खोल कर सामान गायब करने की ट्रेनिंग दी जाती है.



पैसे निकालते समय बरतें सावधानी

मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने सीएसपी संचालकों और आम लोगों से पैसे की निकासी करते वक्त सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि बैंकों पर विशेष निगाह रखी जाएगी. उन्होंने आमलोगों से भी अपील है कि यदि बड़ी रकम की निकासी करते हैं तो इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें और पुलिस सुरक्षा में उनको उनके घर तक पहुंचाया जाएगा.
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