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बिहारः पुलिस को दिखा प्रवासियों से खतरा, कहा- बिहार में Crime बढ़ने का डर

बिहार पुलिस मुख्यालय ने 9 पुलिस पदाधिरियों का ट्रांसफर आदेश जारी किया.
बिहार पुलिस मुख्यालय ने 9 पुलिस पदाधिरियों का ट्रांसफर आदेश जारी किया.

बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Headquarters) ने माना है कि गंभीर आर्थिक चुनौतियों के कारण प्रवासी मजदूर परेशान और तनावग्रस्त हैं. यही नहीं पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में सरकार की प्लानिंग पर भी सवाल खड़ा कर दिया है.

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पटना. लॉकडाउन (Lockdown) के कारण बाहर के राज्यों में बड़ी संख्या में फंसे बिहार के लोग अपने प्रदेश वापस आ चुके हैं. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster management authority) के आंकड़ों के अनुसार 30 लाख से भी अधिक प्रवासी लौट चुके हैं. ऐसे में बिहार सरकार (Government of Bihar) के सामने लोगों को जहां रोजगार मुहैया कराने की चुनौती है, वहीं बिहार का पुलिस महकमा विधि-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका से चिंतित है. इस बात की तस्दीक बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Headquarters) द्वारा सभी जिलों के डीएम व एसपी को लिखे गए पत्र से होती है. दरअसल बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों और आरक्षी अधीक्षकों को एक पत्र लिखा है जिसमें इस डर का जिक्र है.

पुलिस मुख्यालय द्वारा 29 मई को लिखे गए इस पत्र में चर्चा की गई है कि बिहार में भारी संख्या में वैसे स्थानीय नागरिकों का आना हुआ है जो दूसरे राज्यों में श्रमिक के तौर पर कार्यरत हैं. बिहार पुलिस मुख्यालय ने माना है कि गंभीर आर्थिक चुनौतियों के कारण यह सभी प्रवासी मजदूर परेशान और तनावग्रस्त हैं. यही नहीं पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में सरकार की प्लानिंग पर भी सवाल खड़ा कर दिया है.

पुलिस मुख्यालय द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि सरकार की कोशिशों के बावजूद सूबे के अंदर सभी को वांछित रोजगार मिलने की संभावना कम है. इस कारण यह प्रवासी मजदूर खुद और अपने परिवार का भरण पोषण करने के मकसद से अनैतिक और विधि विरुद्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं.



यानी बिहार पुलिस मुख्यालय मानता है कि प्रवासी मजदूर अपराधिक घटनाओं में शामिल हो सकते हैं जिससे अपराध में बढ़ोतरी हो सकती है और सूबे की कानून व्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. मुख्यालय ने इस स्थिति का सामना करने के लिए सभी डीएम और एसपी को  एक ऐसी कार्य योजना तैयार करने को कहा है ताकि जरूरत के हिसाब से कार्रवाई की जा सके.
बहरहाल, बिहार पुलिस मुख्यालय के कई सवाल खड़े कर दिए हैं जिसका जवाब देना पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को भारी पड़ सकता है. जैसे बिहार पुलिस मुख्यालय मान लिया कि सरकार की कोशिशों से  सभी को रोजगार नहीं मिल पाएगा जबकि सरकार लगातार खुद मुख्यमंत्री इस बात को लेकर गंभीर हैं रोजगार मुहैया करायी जाए.

साथ ही यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि  बिहार का पुलिस तंत्र का इतना कमजोर पड़ गया है कि उसे प्रवासी मजदूरों से निबटने में ही इतनी कड़ी मशक्कत करनी पड़े और एक ऐसी रणनीति तैयार करनी पड़े जिसके लिए पुलिस मुख्यालय को जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश देने की जरूरत पड़ जाए.

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