COVID-19: मुंगेर में भी होगी अब कोरोना संक्रमितों के सैंपल की जांच, पहले भेजना पड़ता था पटना
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COVID-19: मुंगेर में भी होगी अब कोरोना संक्रमितों के सैंपल की जांच, पहले भेजना पड़ता था पटना
मुंगेर में भी होगी अब कोरोना संक्रमितों के सैंपल की जांच (फाइल फोटो)

सिविल सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि हलांकि इस मशीन को राज्य के सभी संक्रमित जिलों को दिया जाना है. लेकिन मुंगेर (Munger) जिला में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार द्वारा प्राथमिकता के अधार पर इसे पहले ही दे दिया है.

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मुंगेर. बिहार (Bihar) के मुंगेर (Munger) जिले में COVID-19 संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति पटना ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए टीआरयू (TRU) मशीन दी है. इस मशीन द्वारा अब जिला प्रशासन कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच खुद ही कर सकेगा. इस मशीन द्वारा सैंपल में निगेटिव मरीजों का पता लगाया जा सकेगा, जिससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अब सैंपल जांच के लिए पटना भेजने की जरूरत नहीं होगी. कोरोना के अत्यधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपलों को ही जांच के लिए पटना भेजा जाएगा. यह जांच मशीन वर्तमान में केवल पटना के एनएमसीच में ही लगी है और दूसरी मशीन मुंगेर में प्राथमिकता के आधार पर स्थापित की गई.

इस मशीन से केवल निगेटिव सैंपलों का ही पता लगेगा

बता दें, कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार द्वारा जिला प्रशासन को टीआरयू मशीन दी गई है. सीएस पुरुषोत्तम कुमार ने बताया की इस मशीन से केवल निगेटिव सैंपलों का ही पता लगाया जा सकता है. जिससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अधिक संख्या में सैंपल को जांच के लिए पटना भेजने की आवश्यकता नहीं होगी. इस मशीन से जांच कर निगेटिव सैंपलों को अलग कर लिया जाएगा जिसके बाद अत्यधिक संदिग्ध सैंपलों को जांच के लिए पटना भेजा जाएगा. इससे सैंपल की रिर्पोट आने का अधिक इंतजार नहीं करना होगा. पूर्व में सभी सैंपलों की जांच पटना में होती थी.



बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुंगेर को पहले ही मिल गई मशीन
सिविल सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि हलांकि इस मशीन को राज्य के सभी संक्रमित जिलों को दिया जाना है. लेकिन मुंगेर जिला में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार द्वारा प्राथमिकता के अधार पर इसे पहले ही दे दिया है. इस मशीन को सदर अस्पताल के यक्ष्मा वार्ड में लगाया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह मशीन एक सप्ताह में लग जाएगा. वहीं इस मशीन के लिए यक्ष्मा वार्ड में एक लैब बनाई जा रही है.

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