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'प्रधानमंत्री जन-धन योजना' में कर रहे थे फर्जीवाड़ा, मिले 16 से ज्यादा बैंक अकाउंट, क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

'प्रधानमंत्री जन-धन योजना' में कर रहे थे फर्जीवाड़ा, मिले 16 से ज्यादा बैंक अकाउंट, क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच के सूत्रों की अगर मानें तो इन दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस के साथ-साथ यूपी पुलिस भी तलाश रही थी. जो पिछले तीन-चार सालों से इस फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए अब तक करीब डेढ़ सौ से ज्यादा बेरोजगार युवकों को चूना लगा चुके हैं.

क्राइम ब्रांच के सूत्रों की अगर मानें तो इन दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस के साथ-साथ यूपी पुलिस भी तलाश रही थी. जो पिछले तीन-चार सालों से इस फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए अब तक करीब डेढ़ सौ से ज्यादा बेरोजगार युवकों को चूना लगा चुके हैं.

क्राइम ब्रांच के सूत्रों की अगर मानें तो इन दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस के साथ-साथ यूपी पुलिस भी तलाश रही थी. जो पिछले तीन-चार सालों से इस फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए अब तक करीब डेढ़ सौ से ज्यादा बेरोजगार युवकों को चूना लगा चुके हैं.

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  • News18Hindi
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दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच टीम (Crime Branch Team) ने दो ऐसे शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो "प्रधानमंत्री जन धन योजना" (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana) और बेरोजगार युवकों को दूरदर्शन न्यूज़ चैनल (Doordarshan News Channel) में नौकरी दिलाने के बहाने फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. दोनों गिरफ्तार आरोपियों का नाम है रोहित मिश्रा और आशीष सिंह. जिसमें इस फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी रोहित मिश्रा है, जोकि मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का रहने वाला है. जबकि आशीष सिंह, बिहार के मुंगेर का रहने वाला है.

क्राइम ब्रांच के सूत्रों की अगर मानें तो इन दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस के साथ-साथ यूपी पुलिस भी तलाश रही थी. जो पिछले तीन-चार सालों से इस फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए अब तक करीब डेढ़ सौ से ज्यादा बेरोजगार युवकों को चूना लगा चुके हैं. क्राइम ब्रांच की टीम को तफ़्तीश के दौरान मुख्य आरोपी रोहित मिश्रा से जुड़े अब तक 16 से ज्यादा बैंक अकाउंट की जानकारी मिली है. जिसमें टीम यह खंगालने में जुटी हुई है कि अब तक इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के बाद इन बैंक एकाउंट में कितने रुपए आए हैं.

क्राइम ब्रांच की टीम को तफ़्तीश के दौरान मुख्य आरोपी रोहित मिश्रा से जुड़े अब तक 16 से ज्यादा बैंक अकाउंट की जानकारी मिली है.


फर्जीवाड़े का तरीका
आरोपी रोहित मिश्रा बेहद शातिर है. वह काफी पढ़ा-लिखा युवक है जोकि टेक्नोलॉजी का भी अच्छा खासा ज्ञान रखता है. वह पुलिस की गिरफ्त में कभी नहीं आया क्योंकि वह अकेले ही रहता था और अपने घर का पता किसी अन्य सहयोगी को भी नहीं देता था. इस गैंग में एक लड़की भी शामिल है जिसकी वास्तविक भूमिका की पड़ताल चल रही है.

सबसे पहले प्रधानमंत्री जनधन योजना के नाम से फर्जीवाड़ा
रोहित ने सबसे पहले प्रधानमंत्री जनधन योजना के नाम से फर्जीवाड़ा करना शुरू किया था. इस मामले की जानकारी क्राइम ब्रांच की टीम को लग गई थी. उसके बाद उस बैंक अकाउंट को रोहित ने बंद कर दिया था. इसके बाद नोटबंदी के दौरान रोहित को काफी झटका लगा. लेकिन बावजूद इसके रोहित ने कुछ और गोरखधंधा करने की प्लानिंग की.

दूरदर्शन में कॉन्ट्रेक्ट पर भर्ती योजना
इस मामले में बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिलने के बाद रोहित ने दूरदर्शन में कॉन्ट्रेक्ट पर भर्ती योजना में युवाओं के लिए भर्ती योजना की शुरुआत की. इसके लिए रोहित ने कई राष्ट्रीय स्तर के न्यूज़ पेपर में विज्ञापन भी देना शुरू कर दिया. जिसके बाद दूरदर्शन का नाम सुनते ही बेरोजगार युवक खिंचे चले आने लगे. लोगों को ये विज्ञापन सही लगे इसके लिए उसने अपना वेबसाइट भी काफी आधुनिक तरीके से बनवाया और दूरदर्शन के लोगो को प्रयोग करके उसको अपने वेबसाइट पर लाइव करवा दिया. जिससे ये एकदम असली लगे.

शुरुआती समय में लिया जाता था करीब 15 हजार रुपया 
जो भी बेरोजगार युवक नौकरी के लिए आते थे. उससे नौकरी की फ़ाइल आगे बढ़ाने के नाम पर शुरुआती समय में करीब 15 हजार रुपया लिया जाता था. उसके बाद नौकरी लगने की कन्फर्मेशन कॉल आने के बाद दूसरी क़िस्त ज्यादा रुपयों की ली जाती थी. इसके लिए रोहित ने डीडी के नाम से एक मैसेज भेजने की सुविधा भी ले रखी थी. जिससे लोगों को इसपे भरोसा आसानी से हो जाए.

क्राइम ब्रांच को सौंपा गया मामला
दूरदर्शन के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े के मामले में दूरदर्शन में ही कार्यरत ADG ने दिल्ली पुलिस को इस मामले की शिकायत भेजी थी. लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे क्राइम ब्रांच को सौंपा गया. क्राइम ब्रांच के डीसीपी ने इस मामले में कई अधिकारियों के साथ इस मामले की तफ्तीश में इनपुट्स इक्कठा करने को कहा.

जिसके बाद इस ऑपरेशन से जुड़े काफी महत्वपूर्ण जानकारी, क्राइम ब्रांच के  इंस्पेक्टर विवेकानंद झा, SI लोकेंद्र, सिपाही मिंटू कुमार, रविन्द्र, विनोद, संदीप और उनकी टीम को लगी थी. पिछले काफी समय से इस मामले की तफ़्तीश करने के बाद फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले दोनों मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया.  इन दोनों आरोपियों के पास दर्जनों डेबिट और क्रेडिट कार्ड, सहित अन्य सामान को भी जब्त किया गया है. क्राइम ब्रांच की टीम इन आरोपियों से जुड़े तमाम मामलों को दिल्ली के साथ-साथ यूपी और बिहार में खंगालने में जुटी हुई है.

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Tags: CBI, Delhi news, Doordarshan, Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojna

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