लाइव टीवी

बिहार के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह और उनके बेटे पर धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज
Munger News in Hindi

भाषा
Updated: January 27, 2020, 12:01 AM IST
बिहार के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह और उनके बेटे पर धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज
नरेंद्र सिंह ने 2015 में जेडीयू छोड़ दिया था और वह जीतन राम मांझी की अगुवाई वाले हिंदुस्तान आवाम मोर्चा में शामिल हो गए थे. (फाइल फोटो)

एसपी लिपि सिंह के अनुसार ब्रजेश उर्फ बमबम के बयान के आधार पर पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह (Narendra Singh) और उनके बेटे सुमित सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

  • Share this:
मुंगेर. जेडीयू (JDU) के एक प्रभावशाली नेता का निजीकर्मी बताकर लोगों को ठगने के गोरखधंधे की जांच में कथित संलिप्तता सामने आने के बाद रविवार को मुंगेर (Munger) में पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह (Narendra Singh) और उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

मुंगेर के एसपी लिपि सिंह के अनुसार ब्रजेश उर्फ बमबम के बयान के आधार पर दो लोगों के अलावा पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह और उनके बेटे सुमित सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. बमबम इस गिरोह के सिलसिले में पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किए गए चार लोगों में एक था.

रैकेट में शामिल लोग अपने को राजीव रंजन सिंह का निजी सहायक बताते थे
एसपी ने दावा किया कि बमबम के बयान के अनुसार, इस रैकेट में शामिल लोग अपने को राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का निजी सहायक बताते थे और नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों को चूना लगाते थे. उन्होंने इसकी पुष्टि उसके मोबाइल रिकार्ड्स से करने का दावा किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि बमबम ने अपने बयान में कहा है कि गिरफ्तार किये गये अन्य आरोपियों के साथ वह इस गोरखधंधे का हिस्सा था तथा पिता-पुत्र उसके सूत्रधार थे. पिता-पुत्र जमुई जिले के निवासी हैं.

लोकसभा में जेडीयू के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी ललन सिंह पहले राज्य में मंत्री थे.

जमीन सौदे में पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह और उनके बेटे बने बिचौलिए
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बमबम ने झारखंड के देवघर में एक भूखंड की खरीददारी के लिए खुद को मंत्री का पीए बताया. पुलिस अधीक्षक के अनुसार पिता-पुत्र ने जमीन के पांच करोड़ के इस सौदे में बिचौलिये काम किया. बमबम को एक करोड़ रुपये मिलने थे. लिपि सिंह के अनुसार पिता-पुत्र और उनके सहयोगियों के खिलाफ आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया है. जांच के दौरान इन सहयोगियों के नाम सामने आए.नरेंद्र सिंह ने 2015 में जेडीयू छोड़ दिया था और वह जीतन राम मांझी की अगुवाई वाले हिंदुस्तान आवाम मोर्चा में शामिल हो गए थे. बाद में नरेंद्र सिंह माझी की पार्टी से भी अलग हो गए थे और खुद अपनी पार्टी बना ली थी.

ये भी पढ़ें-

‘मन की बात’: PM मोदी ने की बिहार के इस शख्स की तारीफ, कही ये बात

लालू के 'ब्रह्म बाबा' खुद को RJD का 'मुख्य अतिथि' क्यों मानने लगे?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मुंगेर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 26, 2020, 11:35 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर