पूर्व वैज्ञानिक का दावा, मिशन शुक्र और सूर्य पर भी आगे बढ़ रहा है ISRO

पूर्व वैज्ञानिक प्रो. राजमल जैन ने दावा किया कि भारत शुक्र मिशन पर भी काम कर रहा है.
पूर्व वैज्ञानिक प्रो. राजमल जैन ने दावा किया कि भारत शुक्र मिशन पर भी काम कर रहा है.

राजस्थान में जन्मे और चंद्रयान प्रथम, मंगलयान और आदित्य मिशन जैसे प्रोजेक्ट से जुड़े रहे प्रो. राजमल जैन ने कहा कि इसरो से सेवानिवृत होने के बाद से ही वे छोटे वैज्ञानिकों को तैयार करने के काम में लग गए हैं.

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आने वाले समय में कई बड़ी योजनाओं पर काम कर रहा है. जिसमें मंगलयान, चंद्रयान के बाद अब सूर्य और शुक्र ग्रह को लेकर भी कई योजना को मूर्तरूप दिया जाएगा. ये दावा किया है अहमदाबाद के भौतिक अनुसंधान प्रयाेगशाला से सेनानिवृत प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक राजमल जैन ने. बिहार के मुंगेर में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि भारत में अगले दो सालों के भीतर शुक्र और आदित्य मिशन पर बहुत काम होना बाकी है.

ISRO के कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं प्रो राजमल जैन
ISRO के चंद्रयान प्रथम, मंगलयान और आदित्य मिशन जैसे प्रोजेक्ट से जुड़े रहे प्रो. राजमल जैन मुंगेर में इंडियन ऐसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के समन्वयक प्रो. केएन राय के आवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि मुंगेर आने का ननका मकसद नन्हें वैज्ञानिकों को मोटिवेट करना है. प्रोफेसर ने दावा किया कि  बिहार के बच्चे अधिक प्रतिभाशाली हैं और उन्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है.

Professor rajmal on ISRO
मुंगेर में बच्चों को चंद्रयान- 2 की जानकारी देते हुए प्रो. राजमल जैन

नन्हें वैज्ञानिकों की फौज तैयार करना चाहते हैं प्रो. राजमल


राजस्थान में जन्मे प्रो. राजमल जैन ने कहा कि इसरो से सेवानिवृत होने के बाद से ही वे छोटे वैज्ञानिकों को तैयार करने के काम में लग गए हैं. इसके लिए वे देश के सभी राज्यों में जा कर सरकारी और गैरसरकारी विद्यालयों में जाकर बच्चों को साइंस के प्रति झुकाव पैदा करना चाहते हैं. इसी क्रम में वे मुंगेर पहुंचे और कई विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के चंद्रयान टू के बारे में बताया.

ग्रामीण भारत को साइंस से रूबरू करवाने के अभियान पर वैज्ञानिक
प्रो. जैन ने कहा कि वे भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला से 2013 में सेवानिवृत हुए. इसके बाद से उन्होंने निश्चय किया कि वे ग्रामीण भारत के बच्चों के बीच शिक्षा दान करेंगे. इंडियन ऐसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के समन्वयक प्रो. केएन राय ने बताया की इसरो से रिटायर्ड साइंटिस्ट को इसलिए बुलाया ताकि बच्चों में साइंस के प्रति रुचि बढ़े.

रिपोर्ट- अरुण कुमार शर्मा

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