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छुट्टी नहीं मिली तो होमगार्ड के जवान ने थाने में की फायरिंग, साथियों ने अपराधी समझकर भून डाला

मुंगेर के बरियारपुर थाने में फायरिंग की घटना के निशान.
मुंगेर के बरियारपुर थाने में फायरिंग की घटना के निशान.

बिहार के मुंगेर के बरियारपुर थाने में होमगार्ड के जवान ने सर्विस राइफल से अचानक शुरू कर दी फायरिंग. साथी पुलिसवालों की जवाबी कार्रवाई में मारा गया जवान. डीआईजी ने कहा- मानसिक रूप से बीमार था मृत जवान.

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मुंगेर. बिहार के मुंगेर जिले के बरियारपुर थाने में पुलिसवालों की गोलियों से एक होमगार्ड जवान की हत्या हो गई. मृतक जवान ने रात के समय अचानक थाने को टार्गेट बनाकर अपनी सर्विस राइफल से गोलियां दागनी शुरू कर दी थीं. अचानक फायरिंग की आवाज सुनकर साथी पुलिसवालों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें होमगार्ड के जवान मो. जाहिद की मौत हो गई. जाहिद की हाल ही में इस थाने में पोस्टिंग हुई थी और उसने कुछ दिनों की छुट्टी मांगी थी. छुट्टी मंजूर न होने से परेशान होकर उसने थाने के बाहर टॉयलेट के पास जाकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी.

इधर, फायरिंग रुकने के बाद थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो देखा कि मृतक होमगार्ड का जवान है. इसके बाद सीनियर अफसरों को मामले की जानकारी दी गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी ने पूरे मामले की जांच की और बताया कि मृत जवान मानसिक रूप से विक्षिप्त था. दोनों तरफ से हुई फायरिंग में 50 से ज्यादा गोलियां चलीं. थाने के टॉयलेट के गेट और दीवारों पर गोलीबारी के निशान पाए गए. जानकारी के मुताबिक मो. जाहिद वर्ष 1989 में होमगार्ड में भर्ती हुआ था. दो-तीन दिन पहले ही उसकी पोस्टिंग इस थाने में हुई थी.





थाने को ही बनाया टार्गेट
जानकारी के मुताबिक मारा गया होमगार्ड का जवान मो ज़ाहिद ने तीन दिन पहले बरियारपुर थाने में योगदान दिया था. जवान के परिजनों ने दो दिन पहले ही थाने में आकर उसकी तबीयत खराब होने की बात कहकर कुछ दिन छुट्टी देने की मांग की थी. छुट्टी नहीं मिली तो इससे जवान नाराज था. इसी बीच बीती रात वह थाने से बाहर टॉयलेट के पास पहुंचा और अपनी सर्विस राइफल से थाने को टार्गेट कर गोलियां चलानी शुरू कर दी. गोलियों की आवाज सुन थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी फायर किया, जिसमें जाहिद की जान चली गई. जवान के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है.

दीवारों पर गोलियों के निशान
मुंगेर रेंज के डीआईजी ने बताया कि बीती रात थाने में अचानक गोलीबारी की आवाज सुन पुलिसकर्मियों को लगा कि अपराधियों ने हमला कर दिया है. इसके बाद संतरी ड्यूटी पर तैनात और अन्य पुलिसवालों ने फौरन मोर्चा संभाला और संदिग्ध अपराधी को सरेंडर करने को कहा. लेकिन दूसरी ओर से फायरिंग नहीं रुकी, तो पुलिसकर्मियों ने भी गोलीबारी शुरू कर दी. काफी देर तक दोनों ओर से गोलियां चलने के बाद पुलिस की कार्रवाई में संदिग्ध अपराधी मारा गया. बाद में जब पुलिसवालों ने मौके पर जाकर देखा तो वह मो. जाहिद था. उसके पास से सर्विस राइफल और 9 खोखे बरामद हुए. वह मानसिक रूप से बीमार था. पुलिस की जांच पड़ताल के दौरान टॉयलेट के गेट और दीवारों पर गोलियों के निशान दिख रहे हैं.

सरकारी सहायता नहीं मिलेगी
इस मामले में एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि थाना परिसर में गोली चलने की सूचना के बाद दूसरे थानों को भी इसकी जानकारी दी गई. मौके पर पहुंच मामले की जानकारी ली और उसके बाद कई थानों को बुला उक्त अपराधी को घेरा गया. करीब दो घंटे तक फायरिंग के बाद संदिग्ध अपराधी पुलिस की गोलियों का शिकार हो गया. बाद में शिनाख्त से पता चला कि वह थाने में ही तैनात होमगार्ड का जवान था. एसपी ने बताया कि होमगार्ड के जवान ने आपराधिक घटना को अंजाम दिया है, इसलिए उसे किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिल पाएगी.
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