जानिए कौन है बिहार का 'पेशेंट नंबर 31', जिससे फैला COVID-19 और 83 लोग हुए संक्रमित

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जमालपुर (Jamalpur) के रहने वाले 60 साल के बुजुर्ग ने बीमारी की बात छुपाई, जिससे कोरोना वायरस (COVID-19) का संक्रमण फैलता चला गया. इनमें से अब तक 11 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं.

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पटना. पेशेंट नंबर 31 का नाम सुनते ही लोगों में सिहरन दौड़ जाती है. दक्षिण कोरिया की इस पेशेंट ने पूरी दुनिया मे हड़कंप मचा दिया था. सिर्फ इस एक संक्रमित मरीज ने दक्षिण कोरिया में 4800 लोगों को कोरोना पॉजिटिव (COVID-19 positive) बनाया था. सियोल की इस महिला को अस्पताल में बेड नंबर 31 मिला था, जिसके बाद पूरी दुनिया में उसे इस नंबर से जाना गया. इसी तरह बिहार में अब तक आए मामले में भी एक ऐसा शख्स सामने आया है, जिसको बिहार का पेशेंट नंबर 31 बताया जा रहा है.

जमालपुर (Jamalpur) के रहने वाले 60 साल के वृद्ध की आजकल बिहार में काफी चर्चा हो रही है. बिहार में अभी तक पाए गए कुल कोरोना पॉजिटिव की संख्या का लगभग एक चौथाई हिस्से में संक्रमण फैलाने के पीछे इसी बुजुर्ग को वजह माना जा रहा है. बुजुर्ग ने अपनी बीमारी छुपा ली, जिसके बाद कुल 83 लोग कोरोना वायरस के संक्रमण के शिकार हो गए. मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार के मुताबिक, अगर इन्होंने बाहर से आने की बात नहीं छुपाई होती, तो मुंगेर का आंकड़ा आज इतना नहीं होता. डॉ. कुमार के मुताबिक, मुंगेर के 93 कोरोना पॉजिटिव में से लगभग 80 फीसदी में संक्रमण का कारण वही वृद्ध हैं.

दिल्ली से लौटे थे बुजुर्ग शख्स
जमालपुर के रहने वाले ये बुजुर्ग शख्स दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए जमात के कार्यक्रम में शामिल होकर नालंदा होते हुए मुंगेर लौटे थे. यहां पहुंचने के बाद जमात में शामिल होने की बात छुपाई. जब नालंदा में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने शुरू हुए और प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाया, तो पता चला कि नालंदा के साथ-साथ मुंगेर जमालपुर का भी व्यक्ति भी जमात के सम्मेलन में शामिल था. इसके बाद मुंगेर के इस बुजुर्ग की पहचान हुई. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. 8 से 10 दिनों में इस बीमारी ने कई लोगों को अपनी जद में ले लिया था.
एक शख्स की वजह से जमालपुर बना रेड जोन  


प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद 12 अप्रैल को इस बुजुर्ग के सैंपल लिए गए और क्वारंटाइन में भेजा गया. सिविल सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल को उनके कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई. अगले दिन पूरे परिवार की जांच की गई, तो पता चला कि परिवार के 9 लोग पॉजिटिव हैं. 16 अप्रैल तक परिवार के 12 लोगों के पॉजिटिव होने की पुष्टि हो गई. वहीं, 21 अप्रैल को 7 अन्य लोग संक्रमित हुए, जबकि 24 अप्रैल को एक ही दिन 30 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई. डॉ. कुमार ने बताया कि ये सभी संक्रमित लोग इस बुजुर्ग के संपर्क में आए थे, जिसके कारण कोरोना चेन बनता चला गया. 26 अप्रैल को पॉजिटिव पाए गए 3 लोग भी इसी के संपर्क की वजह से सामने आए. सिविल सर्जन के मुताबिक, अभी अच्छी बात है कि इन संक्रमितों में से अब तक 11 लोग ठीक हो चुके है. अभी 200 और लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है.

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