Lockdown: अवैध हथियारों के निर्माण व सप्लाई चेन पर लगी ब्रेक ! मुंगेर में अपराध भी हुआ कम
Munger News in Hindi

Lockdown: अवैध हथियारों के निर्माण व सप्लाई चेन पर लगी ब्रेक ! मुंगेर में अपराध भी हुआ कम
मुंगेर में अवैध हथियारों की सप्लाई चेन पर ब्रेक.

अवैध हथियार बनाने के लिए उपयोग आने वाले सामान दूसरे राज्यों से आने बंद हो चुके हैं. रेल मार्ग बंद हैं जिसके कारण अभी जिले में इस धंधे से जुड़े लोगों को काफी नुकसान हो रहा है.

  • Share this:
मुंगेर. अवैध हथियार तस्करी व निर्माण के कारण पूरे भारत में जाना जाता है मुंगेर. देसी कट्टा,  9 एमएम पिस्टल  सहित कई हथियार बनाने के लिए जाना जाता रहा है यह जिला. कुछ साल पहले AK 47 की असेंबलिंग, खरीद-बिक्री व तस्करी  के मामले में भारत वर्ष में अवैध हथियार मंडी (Illegal arms market) के रूप में उभरकर सामने आया. दरअसल यहां के बने हथियारों की दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मुंबई, नागालैंड आदि राज्यों में बड़ी डिमांड है. इन राज्यों में मुंगेर (Munger) में बने अवैध हथियार अवैध तरीके से ही पहुंचाए भी जाते हैं. लेकिन लॉकडाउन का इस अवैध धंधे पर काफी असर पड़ा है.

अवैध हथियार निर्माण में आई कमी
दरअसल अवैध हथियार बनाने के लिए उपयोग आने वाले सामान दूसरे राज्यों से आने बंद हो चुके हैं. रेल मार्ग बंद हैं जिसके कारण अभी जिले में इस धंधे से जुड़े लोगों को काफी नुकसान हो रहा है. डीआईजी मनु महराज ने भी बताया कि लॉकडाउन के कारण जहां जिले में अपराध के ग्राफ में कमी आयी है वहीं, हथियारों की तस्करी व अवैध हथियार निर्माण में भी कमी आयी है.

लॉकडाउन में टूटा सप्लाय चेन
उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई में कमी का कारण यह है कि जो बाहर से जो रॉ मेटेरियल आता था, वह बंद पड़ गया है. उन्होंने कहा यहां जो अवैध हथियार बनता था उनके पार्ट्स दूसरे राज्यों से आते हैं और यहां के कारीगर उसे असेंबल  कर उसका निर्माण करते हैं.



तस्करों को भारी आर्थिक नुकसान
डीआईजी ने कहा कि लॉकडाउन के कारण इस धंधे से जुड़े लोग जहां नक्ससलियो सहित अन्य राज्यों में अवैध हथियार का सप्लाय करते थे,  उसपर भी विराम लगा हुआ है. यही कारण है कि ऐसे तस्करों-सप्लायरों को आर्थिक नुकसान हुआ है.

लॉकडाउन के बाद भी पुलिस रहेगी अलर्ट
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लॉकडाउन खत्म होने के बाद इसमें इजाफा हो सकता है. ऐसे में इसको लेकर हम पूरी तरह इस पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा हमलोगों की जो सूचना है अभी जिले में अवैध हथियार नहीं बन रहे हैं और ना ही तस्करी हो रही है.

ये भी पढ़ें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज