बिहार: भीषण गर्मी को मात दे रहे वोटर, हर फेज में बढ़ा मतदान प्रतिशत

निर्वाचन आयोग से मिले अंतरिम आंकड़ों के अनुसार चौथे चरण में बिहार की हर सीट पर 50 फीसद से ज्‍यादा मतदान हुआ.

News18 Bihar
Updated: April 29, 2019, 9:29 PM IST
बिहार: भीषण गर्मी को मात दे रहे वोटर, हर फेज में बढ़ा मतदान प्रतिशत
बिहार के दरभंगा में एक मतदान केंद्र पर लगी मतदाताओं की लंबी कतार
News18 Bihar
Updated: April 29, 2019, 9:29 PM IST
बिहार में 17वीं लोकसभा चुनाव के लिए चौथे चरण का मतदान समाप्त हो गया है. पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार वोटिंग 2.74 प्रतिशत तक बढ़ा है. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार इन क्षेत्रों में पिछले वर्ष 56.18 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार 58. 92 प्रतिशत तक वोट पड़े हैं. चारों चरणों के मतदान प्रतिशत का आकलन करें तो हर चरण में पिछले लोकसभा चुनाव से अधिक वोट डाले गए हैं.

शाम छह बजे तक मिले अंतरिम आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में 2.74 प्रतिशत ज्‍यादा है. निर्वाचन आयोग से मिले अंतरिम आंकड़ों के अनुसार, दरभंगा में 56.68 प्रतिशत, उजियारपुर में 60.56 प्रतिशत, समस्तीपुर में 60.80 प्रतिशत, बेगूसराय में 61.27 प्रतिशत और मुंगेर 55.38 फीसद तक मतदान हुआ. वहीं, चौथे चरण में बिहार में औसतन 58.92 प्रतिशत मतदान हुआ.

इससे पहले तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था. इसमें पांच लोकसभा सीटों पर 61.20 प्रतिशत वोटिंग के साथ 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. इस दौर में अररिया, सुपौल, मधेपुरा, झंझारपुर और खगड़िया में मतदान हुआ था. जाहिर है कि भीषण गर्मी के बावजूद बिहार के मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

ये भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव 2019: बिहार में 2.74 प्रतिशत बढ़ा मतदान, शाम 6 बजे तक 58.92 प्रतिशत हुई वोटिंग

18 अप्रैल को हुए दूसरे चरण की पांच सीटों पर 62.52 प्रतिशत मतदान हुआ था. बता दें कि भागलपुर, बांका, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में पिछले लोकसभा चुनाव में औसतन 61.92 प्रतिशत मतदान हुआ था. यानि ओवरऑल देखें तो पिछले चुनाव के मुकाबले यहां भी करीब 0.60 प्रतिशत ज्‍यादा मतदान हुआ था.

दरभंगा में एक मतदान केंद्र पर स्ट्रेचर पर आकर महिला ने अपना वोट डाला


पहले चरण के मतदान में 11 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. औरंगाबाद, नवादा और जमुई जैसे नक्सल क्षेत्र होने के बावजूद ओवर ऑल लोकसभा चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 वर्षों में 10 प्रतिशत वोटिंग बढ़ी है. वर्ष 2014 में इन्हीं क्षेत्रों में  50.79 प्रतिशत वोट पड़े थे.
ये भी पढ़ें- 'पहले आतंकी हमलों के बाद मनमोहन सिंह रोने विदेश जाते थे, आज पाकिस्तान रोने जाता है'

इन क्षेत्रों में 2009 में औसतन 43.43 प्रतिशत वोट पड़े थे. इस बार इन क्षेत्रों में 53.61 प्रतिशत वोट पड़े. पहले चरण में विशेष कर नक्सल प्रभावित जिलों में चुनाव थे.

सुखद पहलू यह भी है कि 23 अप्रैल को हुए तीसरे चरण में महिलाओं ने पुरुषों से करीबन 10 प्रतिशत अधिक मतदान किया था. 66.50 प्रतिशत महिलाओं ने वोटिंग की वहीं 56.30 प्रतिशत पुरुषों ने अपने मत डाले.

मुंगेर के एक मतदान केंद्र पर एक युवा मतदाता ने पहली बार वोट डाला


इससे पहले 18 अप्रैल को दूसरे चरण की पांच सीटों के लिए हुए मतदान में महिलाओं ने पुरुषों से करीब छह प्रतिशत अधिक वोट डाले. इस चरण में पुरुषों के 60.09 प्रतिशत की तुलना में महिलाओं ने 66.02 प्रतिशत मतदान किया.

ये भी पढ़ें- बिहार: पिता को मुखाग्नि देने के बाद मतदान करने पहुंचा शख्स, वोट डालने के बाद निभाई रस्म

पहले चरण में भी यही ट्रेंड रहा था. 11 अप्रैल को पहले चरण की चार सीटों के लिए हुए मतदान में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में करीब दो प्रतिशत अधिक था. पुरुषों ने 52.76 प्रतिशत तो महिलाओं ने 54.25 प्रतिशत मतदान किया था.

तीनों चरणों के औसत को देखें तो 2 प्रतिशत से अधिक मतदान हुए हैं. साफ है कि पलायन और विस्थापन की समस्या से जूझ रही बिहार के मतदाताओं ने हर बार अपना उत्साह दिखाया है. भीषण गर्मी के बीच भी लोगों का घरों से बाहर निकलना और अपने मताधिकार प्रयोग करना, लोकतंत्र की जड़ें गहरी कर रही हैं.

ये भी पढ़ें- बिहार: गधे पर सवार होकर नामांकन कराने पहुंचा प्रत्याशी, पढ़ें क्या है माजरा
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...