बिहार: लोकसभा चुनाव का चौथा चरण है सबसे 'हॉट', पढ़ें दिग्गजों का सियासी समीकरण

मुंगेर में नीतीश कुमार के करीबी मंत्री ललन सिंह और दूसरी ओर बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी मैदान में हैं. समस्तीपुर से एलजेपी के उम्मीदवार रामचंद्र पासवान और कांग्रेस के अशोक राम के बीच तगड़ी लड़ाई मानी जा रही है.

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: April 29, 2019, 4:04 AM IST
बिहार: लोकसभा चुनाव का  चौथा चरण है सबसे 'हॉट', पढ़ें दिग्गजों का सियासी समीकरण
फाइल फोटो
Vijay jha | News18 Bihar
Updated: April 29, 2019, 4:04 AM IST
बिहार में लोकसभा का चौथा चरण सबसे हॉट माना जा रहा है.यह इसलिए कि इस चरण में एनडीए और महागठबंधन समेत अन्य दलों के कई दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला होगा. जिन नेताओं पर सबकी निगाहें हैं इनमें ॉबेगूसराय से बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह हैं वहीं उनके मुकाबिल कन्हैया कुमार हैं. उजियारपुर में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और उपेन्द्र कुशवाहा के बीच टक्कर है. जबकि दरभंगा में अब्दुल बारी सिद्दीकी और बीजेपी के गोपालजी ठाकुर के बीच कड़ा संघर्ष है.

इसी तरह मुंगेर में नीतीश कुमार के करीबी मंत्री ललन सिंह और दूसरी ओर बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी मैदान में हैं. समस्तीपुर से एलजेपी के उम्मीदवार रामचंद्र पासवान और कांग्रेस के अशोक राम के बीच तगड़ी लड़ाई मानी जा रही है. आइये हम जानते हैं बिहार की इन पांचों सीटों पर क्या है सियासी दिग्गजों के जीत-हार का समीकरण.

बेगूसराय- लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार की किसी सीट ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरी हैं तो वह बेगूसराय है. यहां एक ओर बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह हैं तो दूसरी ओर  सीपीआई की तरफ से कन्हैया कुमार ताल ठोंक रहे हैं.  दो धुर-विरोधी विचारधारा के प्रत्याशियों के आमने-सामने होने से यह 'हॉट' सीट बन गई है.

हालांकि आरजेडी ने तनवीर हसन को मैदान में उतारकर लड़ाई को त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है. कहा जा रहा है कि गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार के आमने-सामने होने से भूमिहार मतदाताओं में बंटवारा होने की आशंका है.

कन्हैया कुमार- गिरिराज सिंह


वहीं दूसरी आशंका ये है कि तनवीर हसन के मैदान में उतरने से बीजेपी विरोधी वोट भी दो खेमे में जा सकते हैं, जिसमें कुछ वोट तनवीर हसन को मिल सकते हैं, तो कुछ वोट कन्हैया कुमार को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है. जाहिर है इससे गिरिराज सिंह को फायदा हो सकता है.

मुंगेर- नीतीश के दो करीबियों के धुर विरोधी बनने के बीच इस बार मुंगेर लोकसभा सीट भी हॉट बन गई है. यहां से सीएम नीतीश कुमार के करीबी जेडीयू के ललन सिंह का मुकाबला बाहुबली नेता अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी से हो रहा है.  अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी महागठबंधन से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.
बता दें कि अनंत सिंह कभी नीतीश कुमार के काफी करीबी थे, लेकिन बीते विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के एक साथ आने से अनंत सिंह से नीतीश ने दूरी बना ली. एक केस में अनंत सिंह के घर पर छापा पड़ने और उनके जेल जाने के बाद नीतीश और अनंत में दूरी बढ़ गई.

बेगूसपनीलम देवी और ललन सिंहयही वजह है कि अनंत सिंह ने खेमा बदल लिया और वह आरजेडी के करीब जाने की कोशिश में लग गए. हालांकि बात नहीं बनी तो पत्नी नीलम देवी को महागठबंधन का उम्मीदवार बनवा दिया. जाहिर है अब नीतीश के करीबी ललन सिंह और अनंत सिंह के बीच सीधा मुकाबला है और यह सीट सीधे तौर पर सीएम नीतीश की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गई है.

दरभंगा- इस सीट पर  महागठबंधन की ओर से आरजेडी के अब्दुल बारी सिद्दीकी ताल के सामने एनडीए में बीजेपी की तरफ से गोपालजी ठाकुर मैदान में हैं. कीर्ति आजाद के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह सीट बेहद दिलचस्प इसलिए भी बन पड़ा है कि आरजेडी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री अली अशरफ फातमी ने आरजेडी से इस्तीफा दे दिया है. उनके जेडीयू में जाने की चर्चा है.

अब्दुल बारी सिद्दीकी-गोपालजी ठाकुर


अब्दुल बारी सिद्दीकी को लालू के 'माय' (मुस्लिम-यादव) समीकरण का लाभ मिल सकता है, हालांकि उनके मुकाबले में खड़े बीजेपी के प्रत्याशी गोपालजी ठाकुर को गैर यादव हिन्दू वोटों की गोलबंदी के अतिरिक्त सवर्णों का पूरा साथ मिलने की संभावना जताई जा रही है.

उजियारपुर- यहां एनडीए से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद नित्यानंद राय के सामने महागठबंधन की ओर से आरएलएसपी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा मैदान में हैं. हालांकि यहां मार्क्‍सवादी कम्‍युनिष्‍ट पार्टी (माकपा) के अजय राय के मैदान में आने से मुकाबला रोचक बन पड़ा है.

उपेन्द्र कुशवाहा-नित्यानंद राय


बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में नित्यानंद राय ने राजद के आलोक कुमार मेहता को 60 हजार वोटों से हराया था. यहां जेडीयू की अश्वमेघ देवी तीसरे नंबर पर रहीं थीं. इस बार नित्यानंद राय को जदयू के वोट ट्रांसफर मिल सकते हैं.  यहां कुशवाहा व यादव समुदायों की निर्णायक ताकत को देखते मुकाबला कठिन माना जा रहा है.

समस्तीपुर- यहां से लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के भाई और वर्तमान सांसद रामचंद्र पासवान चुनाव मैदान में हैं. उनका मुकाबला महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्‍याशी अशोक राम से है. इस आरक्षित सीट पर पिछली बार भी इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला हुआ था. तब मोदी लहर के बावजूद रामचंद्र पासवान केवल 6872 वोटों से जीते थे.

रामचंद्र पासवान-डॉ अशोक कुमार राम


इसके पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में यहां जेडीयू के महेश्वर हजारी ने रामचंद्र पासवान को शिकस्‍त दी थी तो 2004 में राजद के आलोक कुमार मेहता ने जदयू के रामचंद्र सिंह को हरा दिया था.

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