AIMPLB के महासचिव, खानकाह रहमानी मुंगेर के सज्जाद नशीन हजरत मौलाना वली रहमान का निधन

हजरत मौलाना वली रहमानी (फाइल फोटो)

हजरत मौलाना वली रहमानी (फाइल फोटो)

पुलिस अधीक्षक (एसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के जनरल सेक्रेटरी व बिहार, ओडिशा और झारखंड इमारत-ए-शरिया के अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना वली रहमानी (Hazrat Maulana Wali Rahmani) का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान समारोह के साथ किया जाएगा

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 3, 2021, 11:17 PM IST
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मुंगेर. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के महासचिव और खानकाह रहमानी मुंगेर के सज्जाद नशीन हजरत मौलाना वली रहमानी (Hazrat Maulana Wali Rahmani) नहीं रहे. शनिवार को पटना (Patna) के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. वो 78 वर्ष के थे. कुछ दिन पहले तबियत बिगड़ने पर उन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके निधन (Death) की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई. खानकाह रहमानी के इम्तियाज़ रहमानी ने बताया कि हजरत मौलाना वली रहमानी को रविवार को अंतिम विदाई दी जाएगी.

हजरत मौलाना वली रहमानी बिहार, ओडिशा और झारखंड के अमीरे-ए-शरीयत भी थे. इसके अलावा वो वर्ष 1974 से 1996 तक बिहार विधानसभा के सदस्य भी रहे. भारत में इस्लामी शिक्षा के सबसे बड़े केंद्रों में से एक जामिया रहमानी की स्थापना वर्ष 1901 में उनके दादा मो. अली मुंगेरी ने की थी. उनके पिता सैय्यद मिनतुल्लाह रहमानी इस्लामिक विद्वान थे. पिता के निधन के बाद वर्ष 1991 में हजरत मौलाना वली रहमानी इसके अध्यक्ष बने. उनके नेतृत्व में जामिया रहमानी खानकाह का काफी विकास हुआ. देश भर के छात्र यहां पढ़ाई के लिए आने लगे. पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित कई जानी मानी हस्तियां यहां आ चुकी हैं. वो सामाजिक कार्यो से भी जुड़े रहे, उन्होंने वर्ष 1996 में शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर रहमानी फाउंडेशन की मुंगेर में स्थापना की थी.

पुलिस अधीक्षक (एसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी व बिहार, ओडिशा और झारखंड इमारत-ए-शरिया के अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना वली रहमानी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान समारोह के साथ किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जायेगा. हजरत साहब ने 15 नवंबर, 2015 को अपने उत्तराधिकारी अपने बड़े बेटे हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी को घोषित कर दिया था. साथ ही उनके द्वारा सभी कार्यों में मदद ली जा रही थी जो अब खानकाह रहमानी के सज्जादा नशीन होंगे. हजरत साहेब के छोटे लड़के हामिद वली फहद रहमानी उनकी मदद करेंगे. हजरत साहब को रविवार चार अप्रैल को सुबह 11 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
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