मुंगेर गोलीकांड: हाई कोर्ट के आदेश पर 13 पुलिस अफसरों के खिलाफ बड़ा एक्शन

अक्टूबर 2020 के गोलीकांड में अनुराग की मौत हुई थी.

अक्टूबर 2020 के गोलीकांड में अनुराग की मौत हुई थी.

Bihar News: 26 अक्टूबर 2020 को मुंगेर में मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए गोलीकांड में युवक की मौत के मामले की सुनवाई के बाद पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की गई है.

  • Share this:
मुंगेर. पिछले साल मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई गोलीबारी में मारे गए अनुराग के मामले में पटना हाई कोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की गई है. पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की जांच से जुड़े 13 अफसरों का तबादला (Police Officers' Transfer) दूसरे ज़िलों में कर दिया है. ट्रांसफर किए गए अफसरों में 10 मुंगेर ज़िले में पदस्थ थे तो तीन अन्य ज़िलों में. बता दें कि इससे पहले हाई कोर्ट ने हत्याकांड के बारे में पुलिस जांच (Police Inquiry) को लेकर सख़्त नाराज़गी ज़ाहिर की थी.

कोर्ट ने मुंगेर के एसपी के अलावा इस केस से जुड़े तमाम पुलिस अधिकारियों का तत्काल ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि CID जांच हाई कोर्ट की निगरानी में ही होगी. सरकार को यह आदेश भी दिया कि मृतक अनुराग के परिजनों को तत्काल 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. इस कार्रवाई के बाद मृतक अनुराग के परिवार ने संतोष जताते हुए न्याय मिलने की बात कही है.

किन अफसरों का कहां हुआ ट्रांसफर?

1. पु नि - रतन कुमार मुंगेर से गया
2. पु नि - पंकज कुमार सिंह मुंगेर से गया

3. पु नि - विनय कुमार सिंह मुंगेर से किशनगंज

4. पु अ नि - मो शोएब आलम शेखपुरा से सारण



5. पु अ नि - अजय कुमार मुंगेर से सारण

6. पु अ नि - किशुन राय मुंगेर से गया

7. पु अ नि - नरेंद्र मिश्रा मुंगेर से दरभंगा

8. पु अ नि - राजनंदन कुमार शेखपुरा से दरभंगा

9. पु अ नि - राजेश कुमार रंजन मुंगेर से सारण

10. पु अ नि - ललित कुमार मुंगेर से अरवल

11. पु अ नि - शशिकांत झा मुंगेर से अरवल

12. पु अ नि - अमित कुमार जमुई से अरवल

13. पु अ नि - दीपक साह मुंगेर से दरभंगा

कैसे आगे बढ़ा केस?

मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान जो गोलीकांड हुआ था, उसमें पिछले साल 18 वर्षीय अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी. जिला पुलिस पर शिथिलता का आरोप लगाते हुए अनुराग के पिता अमरनाथ पोद्दार ने 6 जनवरी 2021 को पटना हाईकोर्ट में एडवोकेट मानस प्रकाश के ज़रिये क्रिमिनल रिट दाखिल की थी. हालांकि, केस को अर्जेंट हियरिंग के लिए मेंशन किया गया पर ऐसा न हो पाने पर अनुराग की मां ने जनवरी में ही सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि 2 महीने के भीतर सुनवाई पूरी की जाए. मामले में अनुराग के परिजनों के स्थानीय वकील ने बताया कि हाई कोर्ट ने पहली सुनवाई 12 फरवरी को करते हुए राज्य सरकार से 10 मार्च तक जवाब मांगा था. अमरनाथ पोद्दार के मुताबिक जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच ने पुलिस जांच अधिकारियों को मुंगेर से हटाने के साथ ही मुआवज़े और CID जांच संबंधी दो अहम आदेश दिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज