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Munger News: धान की आपूर्ति के अभाव में बंद हो सकता है मुंगेर का एकमात्र राइस मिल, दिसंबर में शुरू हुआ था उत्पादन

धान की आपूर्ति के लिए मात्र दो प्रखंड आवंटित किए गए हैं. दोनों प्रखंड में ज्यादातर क्षेत्र सुखाड़ क्षेत्र घोषित कर दिए ...अधिक पढ़ें

सिद्धांत राज
मुंगेर: सरकार जिले की समृद्धि और विकास के लिए रोजगार सृजन करने के लिए उद्योग लगा रही है. लेकिन उद्योग लगाने के बाद यदि वह सही से संचालित नहीं हो रहा और उससे सरकार को बेहतर इनपुट न मिले तो इसमें राज्य और जिले की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है.
मुंगेर में पहला उसना राइस मिल 6 दिसंबर को स्थापित किया गया और उत्पादन का काम भी शुरू किया गया. इस मशीन में एक तरफ से धान को डाला जाता है, जो प्रक्रिया से गुजरते हुए अंतिम में आकर बिल्कुल साफ चावल निकलता है. इससे पूर्व चावल तैयार करने की प्रक्रिया में जो भी टूट और काले दाग आते हैं, उसे मशीन द्वारा ही हटाकर अलग कर दिया जाता है.

100 टन प्रतिदिन की क्षमता है राइस मिल की :
दरअसल, मुंगेर के हवेली खड़गपुर स्थित राजगंज में जिले का पहला उसना राइस मिल बाबा पंचमुखीनाथ एग्रो के नाम से स्थापित किया गया है. इस मिल को स्थापित करने में 8 से 10 करोड़ की खर्च आया. मिल के लिए मशीन थाईलैंड से मंगाई गई है इस मिल की प्रति दिन की 100 टन चावल तैयार करने की क्षमता है.

आपूर्ति के अभाव में हो सकता है मिल बंद:
इस मिल के 6 साझेदारों में से एक राजेश कुमार ने बताया कि धान की आपूर्ति के लिए मात्र दो प्रखंड आवंटित किए गए हैं. दोनों प्रखंड में ज्यादातर क्षेत्र सुखाड़ क्षेत्र घोषित कर दिए गया . जिस वजह से मिल के क्षमता से कम धान तैयार करने की अनुमति मिली है. परंतु मात्र कुछ ही दिनों में ही सारे धान की खपत हो जाएगी . उसके बाद मिल बंद कर देने की नौबत आएगी और यह मिल घाटे में जाने लगेगा. मिल में कई कर्मचारी काम कर रहें हैं. साथ ही मशीन की भारी-भरकम क़िस्त को भी है ऐसे में समस्या खड़ी हो सकती है.

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