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50 हजार की फैक्ट्री में बनते थे लाखों के अवैध हथियार, रेड के दौरान हुए चौंकाने वाले खुलासे

50 हजार की फैक्ट्री में बनते थे लाखों के अवैध हथियार, रेड के दौरान हुए चौंकाने वाले खुलासे

बिहार के मुंगेर में मिनी गन फैक्ट्री के मामले का खुलासा करती पुलिस

बिहार के मुंगेर में मिनी गन फैक्ट्री के मामले का खुलासा करती पुलिस

Munger Arms Factory: बिहार की मुंगेर पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है. पुलिस को इस फैक्ट्री से भारी संख्या में अर्ध निर्मित पिस्टल, लेथ मशीन और हथियार बनाने के उपकरण मिले हैं. पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है.

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हाइलाइट्स

बिहार की मुंगेर पुलिस को हथियार तस्करों के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कारीगर और फैक्ट्री मालिक को दबोचा है
मुंगेर को बिहार में अवैध हथियार निर्माण के लिए जाना जाता है

मुंगेर. बिहार की मुंगेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टेटियाबंबर थाना क्षेत्र के खपड़ा गांव में हथियारों के कारखाना का खुलासा किया है. यहां से पुलिस ने अर्द्ध निर्मित हथियारों के साथ अवैध हथियार बनाने का उपकरण बरामद किया और इस मामले में मकान मालिक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. मुंगेर के पुलिस अधीक्षक जगुनाथरेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि पुलिस ने मौके से तीन हथियार कारोबारियों को गिरफ्तार किया है जिसमें गृहस्वामी खपड़ा गांव के 45 वर्षीय सुरेंद्र मंडल, कासिम बाजार थाना क्षेत्र के मोबीरा निवासी 19 वर्षीय राहुल कुमार एवं 42 वर्षीय संजय कुमार साह शामिल हैं.

पुलिस की पूछताछ में सभी ने अपनी संलिप्ता स्वीकार की है. गिरफ्तार गृहस्वामी एवं करीगरों ने जो बताया वह काफी चौंकाने वाली बात है. गृहस्वामी को जहां 50 हजार रूपया प्रतिमाह के दर से मकान का किराया दिया जाता था, वहीं कारीगरों को प्रति पिस्टल और पिस्तौल 500 से 1000 रुपया मजदूरी दी जाती थी. जबकि यहां निर्मित हथियार खुद कारोबारी ले जाता था. कारोबारी हथियार बनाने के लिए उपकरण और अन्य कच्चा माल की आपूर्ति करता था.

उक्त कारोबारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.  एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सुरेंद्र मंडल ने उक्त व्यक्ति का नाम लेते हुए बताया कि उसने किराया पर उसका मकान लिया था. प्रतिमाह उसे 50 हजार रूपया किराय दिया जाता था. पिछले दो माह से यहां हथियार निर्माण का खेल चल रहा था. हथियार बनाने के लिए उसके घर में ही एक तहखाना बनाया गया था. जिसके अंदर लेथ मशीन, मिलिंग मशीन सहित अन्य उपकरण का अधिस्थापन किया गया था. सीढी से कारीगर नीचे उतरते थे और वहां पर हथियार बनाने का काम करते थे.

एसपी ने बताया कि पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का उद‍्भेदन करते हुए भारी मात्रा में सामानों की बरामदगी की है. पुलिस ने मौके पर से लेथ मशीन, ड्रिल मशीन, मिलिंग मशीन, ग्राइंडर मशीन, ड्रिल मशीन, अर्धनिर्मित पिस्टल का बॉडी, अर्धनिर्मित पिस्टल का पीठीया, अर्धनिर्मित पिस्टल बॉडी बनाने का लोहा का पट्टा सहित कई अन्य सामान बरामद किया गया. जानकारी के अनुसार काफी दिनों के बाद मुंगेर में लेथ मशीन मिला जिससे पिस्टल की बॉडी बनाई जाती है.

Tags: Bihar News, Crime In Bihar, Munger news

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