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बंदूक कारखाना का पूर्व संचालक करता था नक्सलियों को हथियारों की सप्लाई, घर से बरामद हुआ बड़ा जखीरा

बरामद किए गए हथियारों के साथ मीडिया को जानकारी देते डीआईजी मनु महाराज
बरामद किए गए हथियारों के साथ मीडिया को जानकारी देते डीआईजी मनु महाराज

बिहार (Bihar) के मुंगेर (Munger) जिले में अवैध हथियारों (arms and ammunition) की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक बंदूक कारखाना के पूर्व संचालक के घर से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: November 20, 2019, 10:10 PM IST
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मुंगेर. बिहार (Bhar) के मुंगेर में बंदूक कारखाना के पूर्व मालिक नक्सलियों व अपराधी को अवैध तरीके से हथियारों की सप्लाई कर रहे थे. डीआईजी मनु महाराज ने पूर्व में पकड़े गए नक्सलियों से मिली सूचना के बाद कार्रवाई करते हुए पूर्व बंदूक कारखाना मालिक के घर से 29 दो नाली बंदूक, 02 राइफल, 519 जिन्दा कारतूस बरामद किए हैं. इस मामले में मुख्य सरगना सहित चार लोगों (arms smugglers) को गिरफ्तार किया गया है. डीआईजी मनु महाराज ने बताया कि गिरफ्तार हुए लोग हथियारों की तस्करी नक्सलियों व अपराधियों को किया करते थे.

मुंगेर में बंदूक कारखाना से निकले हथियार भी अब नक्सलियों व अपराधियों तक पहुंचने लगे हैं, इस बात का खुलासा करते हुए डीआईजी मनु महाराज ने मीडिया को बताया कि पूर्व में गिरफ्तार नक्सलियों ने ये खुलासा किया था कि बंदूक कारखाना से निर्मित हथियारों की सप्लाई मुंगेर के पूर्व कारखाना व दुकान संचालक मनोज शर्मा के द्वारा की जाती है. इस कार्य में टीपू सुल्तान, भवानी कुमार और किशन कुमार शामिल हैं, जो नक्सलियों व अपराधियों को अवैध हथियार और कारतूस पहुंचाते हैं.

ये है गिरफ्तार होने वालों के नाम व पता 
1- मनोज शर्मा मालिक- मकससपुर, कासिम बजार.
2- टीपू सुल्तान- मुबारकचक मुफसिल थाना.


3- किशन कुमार- चूहाबाग, कासिम बजार.
4- भवानी कुमार- दलहट्टा, कोतवाली थाना.

पिछले कई दिनों से मनु महाराज द्वारा गठित विशेष टीम इन लोगों पर नजर रख रही थी. जब टीम को पुख्ता सबूत मिले तो डीआईजी के नेतृत्व में गठित टीम ने कासिम बजार थाना क्षेत्र के मकससपुर स्थित मनोज शर्मा के घर छापेमारी की, जहां से पुलिस ने 29 दो नाली बंदूक, 02 रािफल, 519 जिंदा कारतूस के साथ मेड इन इंग्लैंड एक वेब्ले स्कॉट रिवाल्वर बरामद किया है, जिसकी कीमत बाजार मूल्य में 5 लाख रुपये बताई जा रही है.

अवैध तरीके से घर पर रखे थे सभी बचे हुए हथियार व कारतूस
डीआईजी मनु महाराज ने इस बात का खुलासा किया कि बरामद दो नाली बंदूक, मुंगेर बंदूक कारखाना निर्मित हैं और गिरफ्तार मनोज शर्मा की भी बंदूक कारखाना में एक फैक्ट्री और शहर में एक दुकान थी. जिसका लाइसेंस रेनुअल नहीं होने के कारण कई सालों से दुकान व फैक्ट्री बंद थी और स्टॉक में बचे सभी हथियार व कारतूस को अपने घर में अवैध तरीके से रखा हुआ था. वहीं से अवैध तरीके से नक्सलियों व अपराधियों को हथियार व कारतूस की सप्लाई करने का काम करता था. उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच में जुटी हुई है कि कितने हथियार नक्सलियों व अपराधियों को सप्लाई किए हैं.

वेब्ले स्कॉट रिवाल्वर का सौदा नक्सलियों से करने जा रहे थे
डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों ने अपना-अपना जुर्म कबूल करते हुए इस अवैध धंधे में काफी समय से जुड़े रहने की बात स्वीकारी है. गिरफ्तार लोगों ने बताया कि ये लोग हथियार मांग के अनुसार अपराधियों एवं नक्सलियों को सप्लाई करते है, जिसके बदले में 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक लेते हैं और कारतूस दोगने-तिगुने दामों में बेचते हैं. उन्होंने कहा कि बरामद विदेशी हथियार वेब्ले स्कॉट रिवाल्वर को 5 लाख में नक्सलियों को सौदा करने जा रहे थे. पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली जानकरी पुलिस को मिली हैं. जिसकी जांच की जा रही है.
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