• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • 'रॉल कॉल' योजना से Whatsapp पर एसपी के सामने लग रही पुलिसवालों की हाजिरी, ऐसे सुधर रही वर्किंग स्टाइल

'रॉल कॉल' योजना से Whatsapp पर एसपी के सामने लग रही पुलिसवालों की हाजिरी, ऐसे सुधर रही वर्किंग स्टाइल

मुंगेर के पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी पुलिस की कार्यशैली सुधारने की कवायद कर रहे हैं.

मुंगेर के पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी पुलिस की कार्यशैली सुधारने की कवायद कर रहे हैं.

Munger Police News: पुलिस अधीक्षक जगुनाथरेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि रॉल कॉल का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि सभी पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति थानों में है अथवा नहीं. अनुपस्थित रहने वाले पुलिस पदाधिकारियों की पहचान होगी और उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा.

  • Share this:
मुंगेर. पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी लगातार नये-नये प्रयोग कर रहे हैं. इसी क्रम में थानों में ड‍्यूटी के नाम पर खानापूर्ति करने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर लगाम लगाने  के उद्देश्य से 'रॉल कॉल' शुरू की गई है. सभी पुलिस पदाधिकारियों को नए सिरे से सिस्टम में लाने के लिए 'रॉल कॉल' की शुरुआत की गई है. मुंगेर एसपी के अनुसार जिले के 25 थाना व ओपी में यह सिस्टम लागू है. जिसकी मॉनेटरिंग खुद पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं. रॉल कॉल योजना के तहत सुबह 9 से 9:30 बजे तक थानाध्यक्ष व वहां तैनात पुलिस पदाधिकारी जुटते हैं और एक साथ मोबाइल से फोटो खींच कर पुलिस अधीक्षक के व्टासएप पर भेज कर अपनी उपस्थिति बनाते हैं. यह प्रतिदिन के रूटीन में शामिल किया गया है.

 मुंगेर पुलिस को अपडेट रखने के लिए 'रॉल कॉल'
इस सिस्टम के तहत थानों में तैनात सभी पुलिस पदाधिकारियों की न सिर्फ हाजिरी लग रही है, बल्कि उनके बीच कामों का भी बंटवारा हो रहा है. रॉल कॉल सिस्टम के तहत प्रतिदिन थानाध्यक्ष की उपस्थिति में सभी पुलिस पदाधिकारी थाना के कार्यालय में बैठ कर मोबाइल के माध्यम से सभी का एक साथ फोटो खींचा रहे. जिसके बाद थानाध्यक्ष उक्त फोटो को पुलिस अधीक्षक के व्टासएप पर भेज देते हैं. जिसे उनकी उपस्थिति मान्य हो जाती है.

काम-काज की होती है समीक्षा
इस कवायद के बाद पुन: दूसरे दिन रॉल कॉल सिस्टम के तहत सभी उपस्थिति होकर हाजरी देते हैं और पहले दिन के मिले कामों का मुल्यांकन थानाध्यक्ष द्वारा किया जाता है. यह देखा जाता है कि किस पुलिस पदाधिकारी ने अपने दायित्व का पालन ईमानदारी से किया और किसने सिर्फ ड‍्यूटी के नाम पर खानापूर्ति की. जिसकी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी जा रही है.

कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि रॉल कॉल का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि सभी पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति थानों में है अथवा नहीं. अनुपस्थित रहने वाले पुलिस पदाधिकारियों की पहचान होगी और उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा. अगर विभाग के काम से ही वह पुलिस पदाधिकारी गया है तो उसकी लिखित जानकारी देंगे और उसकी सत्यता की जांच करायी जायेगी. साथ ही उसी समय सभी पुलिस पदाधिकारियों के बीच ड‍्यूटी बांटी जायेगी कि किसको कब और क्या करना है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज