मुजफ्फरपुर को कोरोना से बचाने रात में सड़कों पर निकलते हैं 2 शख्स, गलियों-मुहल्लों को करते हैं सैनेटाइज

तीन सौ लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. ( news18 English AP illustration)

तीन सौ लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. ( news18 English AP illustration)

बिहार की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर में पार्षदों की जोड़ी रात में शहर की गलियों-मोहल्लों में निकलती है. दोनों पार्षद अपने- अपने हाथों में नोजल थाम कर सैनेटाइजिंग करते हैं, ताकि शहर में कोरोना का संक्रमण न फैले.

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  • Last Updated: April 24, 2021, 10:14 AM IST
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मुजफ्फरपुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर मुजफ्फरपुर में कहर बरपा रही है. यहां पर प्रतिदिन संक्रमण के लगभग 500 मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में जब शहर सोता है तब कोरोना संक्रमण पर बंदिश लगाने के लिए रात में कुछ लोग सड़क पर निकलते हैं. दरअसल, कोरोना संक्रमण को रोकने में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के साथ- साथ सैनेटाइजिंग भी बहुत जरूरी होता है. ऐसे में मुजफ्फरपुर नगर के दो पार्षद रात में सैनेटाइजिंग करते हैं. ये दोनो पार्षद हैं संजय केजरीवाल और अजय ओझा हैं.

रात में यह जोड़ी शहर की गलियों मोहल्लों में निकलती है. दोनों पार्षद अपने- अपने हाथों में नोजल थाम कर सैनेटाइजिंग करते हैं. इनके लिए दो गाड़ियों पर एक हजार लीटर क्षमता वाली टंकी लगाई गयी है. टंकी में पानी, मिट्टी तेल, फिनाइल वाशिंग पाउडर, एल्कोहल बीएचसी पावडर, नीम पत्ता का उबला पानी और अन्य सामग्री बनाकर घोल तैयार किया जाता है. टंकी में मोटर लगाकर स्प्रे करने वाला जुगाड़ तैयार किया गया है. और इसी जुगाड़ से पूरे शहर को सैनेटाईज किया जा रहा है. संजय केजरीवाल कहते हैं कि उनके इस प्रयास से एक व्यक्ति भी जान बच गयी तो मेहनत सफल रहेगा.

50 से ज्यादा लोगों की कोरोना से हुई मौत

वहीं, कोरोना के बढ़ते प्रकोप से लोग डरे हुए हैं. कोरोना के खिलाफ एक छोटी सी कोशिश हैं. वार्ड 27 के पार्षद अजय ओझा भी इस मुहीम में समम्मिलित हैं. ओझा बताते हैं कि पिछले लहर में उन्होनें अपने वार्ड को सैनेटाइज किया था. अब इस नयी मुहीम में शामिल होकर पूरे शहर को सैनेटाइज करना है. इनके इस भगीरथ प्रयास को आम लोगों का भी साथ मिल रहा है. वार्ड-22 के निवासी संजीव गुप्ता बताते हैं कि इस काम में आम लोगों को भी आगे आकर सहयोग करना चाहिए.  बता दें कि मुजफ्फरपुर में अभी तक कोरोना के 6 हजार एक्टिव केस हैं. वहीं, तीन सौ लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है और पचास से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मर चुके हैं.
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