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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड को लेकर फिर आंदोलन शुरू, आमरण अनशन पर बैठी महिला

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड को लेकर फिर आंदोलन शुरू, आमरण अनशन पर बैठी महिला

9 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुए आंदोलन में सबसे प्रमुख मांग सीबीआई जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई है.

9 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुए आंदोलन में सबसे प्रमुख मांग सीबीआई जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई है.

सीबीआई की ओर से 25 डीएम समेत 71 अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को एक फाइल दी गई है. लेकन सीबीआई की तरफ से कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी बिहार सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की. अब एक महिला इसके खिलाफ आमरण अनशन (Hunger Strike) पर बैठ गई है.

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मुजफ्फरपुर. देश भर में चर्चित रहा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार कारण है एक बार फिर इस कांड को लेकर आंदोलन की शुरुआत होना. इस कांड की जांच कर रही सीबीआई की ओर से  25 डीएम समेत 71 अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को एक फाइल दी गई है. लेकन सीबीआई की तरफ से कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी बिहार सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की. अब एक महिला इसके खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ गई है. यह अनशन मुजफ्फरपुर के समाहरणालय में शुक्रवार से लोक चेतना दल की ओर से शुरू किया गया है. अनशन पर बैठी महिला इसी दल की कार्यकर्ता है.

अधिकारियों पर हो कार्रवाई
9 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुए आंदोलन में सबसे प्रमुख मांग सीबीआई जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई है. बिहार के 17 शेल्टर होम में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी जिसके बाद इन पर कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को सीबीआई ने अनुशंसा की है. इसके साथ ही अनशन पर बैठी महिला सीबीआई जांच में 52 एनजीओ संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रही है जिसके पास बिहार के 17 शेल्टर होम को चलाने का जिम्मा था. साथ ही एनजीओ संचालक की संपत्ति जांच की भी मांग की गई है.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का फैसला 4 फरवरी को
दिल्ली का साकेत कोर्ट मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह कांड में 4 फरवरी को अपना फैसला सुना सकता है. कोर्ट ने ब्रजेश  ठाकुर समेत 19 लोगों को विभिन्न आपराधिक धाराओं में दोषी पाया है. ब्रजेश  ठाकुर पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं के साथ ही सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में आरोप साबित हुआ है। कानून के जानकारों के मुताबिक इस में 10 साल से आजीवन कारावास तक की सजा कोर्ट सुना सकता है.

सीबीआई की पूरक चार्जशीट पर टिकी है नजर
मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह कांड में 19 दोषियों पर आरोप सिद्ध होने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी है कि क्या सीबीआई इस मामले में पूरक चार्जशीट भी दायर करेगी. सीबीआई अब तक 21 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर चुकी है जिसमें से डॉक्टर प्रोमिला फरार है. सीबीआई प्रोमिला के बारे में फिलहाल कोई भी जानकारी हासिल नहीं कर पाई है. प्रोमिला बालिका गृह में विशेषज्ञ चिकित्सक के तौर पर काम कर रही थी. सीबीआई ने जांच शुरू करते ही इस मामले में ब्रजेश ठाकुर के राजनीतिक कनेक्शन को भी खंगालने की कोशिश की थी और तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उसके पति चंदेश्वर वर्मा के घर छापेमारी भी की थी। सीबीआई को चंदेश्वर वर्मा के घर से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुआ था.

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Tags: Bihar News, Court, Muzaffarpur news, Muzaffarpur Shelter Home Rape Case, Protest

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