Home /News /bihar /

एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

मुजफ्फरपुर एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम यानि एइएस से बचाव के लिए लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के दस्तक देने से पहले ही जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। यूनिसेफ और राज्य स्वास्थ्य सिमिति द्वारा मुजफ्फरपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने तिरहुत प्रमंडल के सभी छह जिलों और समस्तीपुर जिले के सिविल सर्जन को सभी तैयारियां इस माह के अंत तक पूरी कर लेने का आदेश दिया है।

मुजफ्फरपुर एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम यानि एइएस से बचाव के लिए लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के दस्तक देने से पहले ही जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। यूनिसेफ और राज्य स्वास्थ्य सिमिति द्वारा मुजफ्फरपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने तिरहुत प्रमंडल के सभी छह जिलों और समस्तीपुर जिले के सिविल सर्जन को सभी तैयारियां इस माह के अंत तक पूरी कर लेने का आदेश दिया है।

मुजफ्फरपुर एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम यानि एइएस से बचाव के लिए लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के दस्तक देने से पहले ही जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। यूनिसेफ और राज्य स्वास्थ्य सिमिति द्वारा मुजफ्फरपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने तिरहुत प्रमंडल के सभी छह जिलों और समस्तीपुर जिले के सिविल सर्जन को सभी तैयारियां इस माह के अंत तक पूरी कर लेने का आदेश दिया है।

अधिक पढ़ें ...
मुजफ्फरपुर एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम यानि एइएस से बचाव के लिए लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के दस्तक देने से पहले ही जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। यूनिसेफ और राज्य स्वास्थ्य सिमिति द्वारा मुजफ्फरपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने तिरहुत प्रमंडल के सभी छह जिलों और समस्तीपुर जिले के सिविल सर्जन को सभी तैयारियां इस माह के अंत तक पूरी कर लेने का आदेश दिया है।

प्रधान सचिव ने बीमारी का पता लगने तक विशेषज्ञों द्वारा तय किये गए लाइन ऑफ ट्रीटमेंट के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज करने पर जोर देने का आदेश दिया है।

प्रधान सचिव ने सभी सिविल सर्जन को पचास हजार रूपए अग्रिम राशि देने के साथ ही मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में बेडों की संख्या बढ़ाने की बात कही है।

चिकित्सकों को बीमार बच्चों को रेफर करने से बचने का की सलाह देते हुए बच्चों की मृत्यु दर में कमी लाने का आह्वान किया है। रहस्यमय बीमारी के रिसर्च के लिए बीमारी शुरू होने से पहले केंद्रीय जांच ऐजेंसी एनसीडीसी को बिहार सरकार ने प्रभावित इलाकों में आने का आमंत्रण भेजा है।

कार्यशाला में सात जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। मुजफ्फरपुर के डीएम ने इलाजरत बच्चों को देखने आने वाले भी आईपी के साथ वार्ड में जाने वाली भीड़ को इसबार रोकने का सुझाव दिया है।

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर