कुढ़नी विधानसभा सीट: 2015 में जो 3 पार्टियां आमने सामने थी, इस बार एक साथ लड़ेंगी चुनाव!

बिहाल में विधानसभा चुनाव.
बिहाल में विधानसभा चुनाव.

Bihar Assembly election 2020: मुजफ्फपुर जिले के अंतर्गत आने वाली कुढ़नी विधानसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है. इस चुनाव में यहां बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन की जीत हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 1:01 PM IST
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कुढ़नी (बिहार). बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Vidhan Sabha Election-2020) में कुढ़नी विधानसभा सीट पर इस बार भी मुकाबला दमदार होने की उम्मीद है. साल 2015 के चुनाव में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा किया था और लगातार तीन बार की विजेता जेडीयू (JDU) से यह छीन ली थी. हालांकि इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं. ऐसे में इनकी पक़ड़ मजबूत रहने की उम्मीद है.

इस सीट पर क्या है गणित
कुढ़नी विधानसभा बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में है और मुजफ्फरपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, यहां 4,35,676 आबादी है, जो ग्रामीण है. साथ ही 2019 की मतदाता सूची के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 2,83,553 मतदाता हैं.

क्या है इतिहास
मौजूदा समय में इस विधानसभा सीट से भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता विधायक हैं. उन्होंने साल 2015 के चुनाव में जेडीयू के मनोज कुमार सिंह को हराया था. मनोज कुमार सिंह साल 2005 से साल 2015 तक इस सीट पर जेडीयू के विधायक रहे थे. इस बार भाजपा और जेडीयू साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले हैं तो एनडीए गठबंधन का दबदबा देखने को मिल सकता है.साल 2015 में कुढ़नी सीट पर केदार प्रसाद को 73227 वोट मिले थे. वहीं, जेडीयू के मनोज कुमार को 61657 वोट हासिल किए थे. विधानसभा चुनाव 2015 में यहां 65.13% वोटिंग हुई थी, जिसमें 42.33% वोट भाजपा को मिले थे और भाजपा 11570 वोटों से जीती थी.



कौन है मजबूत
मुजफ्फपुर जिले के अंतर्गत आने वाली कुढ़नी विधानसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है. इस चुनाव में यहां बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन की जीत हो सकती है, क्योंकि पहले दो बार के विधानसभा चुनावों को देखा जाए तो यहां बीजेपी, जदयू और लोक जनशक्ति पार्टी ही एक-दूसरे को टक्कर देती रही हैं. मगर इस बार यह तीनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ने जा रही हैं. ऐसे में यहां एनडीए की जीत सुनिश्चित मानी जा सकती है.
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