Gaighat Assembly Election Result: RJD के निरंजन राय ने JDU के महेश्वर प्रसाद को हराया

गायघाट सीट से बीजेपी आगे चल रही है.
गायघाट सीट से बीजेपी आगे चल रही है.

Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर के गायघाट विधानसभा क्षेत्र के शुरुआती रुझान में बेजेपी ने बढ़त बना रखी है. जदयू उम्मीदवार महेश्वर प्रसाद यादव अभी पीछे चल रहे हैं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: November 10, 2020, 10:44 PM IST
  • Share this:
मुजफ्फरपुर. गायघर विधानसभा सीट(Gaighat Assembly Seat) से राष्ट्रीय जनता दल के निरंजन राय ने जनता दल यूनाइटेड के महेश्वर प्रसाद को हराया है. निरंजन राय ने 6923 वोटों से अपने प्रतिद्वंदी को हराया है.  राजपूत और यादव मतदाताओं की बहुलता वाली गायघाट विधानसभा सीट ( Gaighat Assembly Seat) पर इस बार का चुनाव दिलचस्प होने वाला है. जबकि पिछले चुनाव में हारने वाली वीणा देवी इस बार वैशाली से सांसद बन चुकी है और अपनी बेटी कोमल सिंह को एनडीए से उम्मीदवार बनाने की कोशिश में जुटी हैं. तीन लाख 25 हजार से अधिक मतदाता इस बार चुनाव में अपना विधायक चुनेंगे.

यादव और राजपूत वर्ग के लोग होते रहे हैं प्रतिनिधि
गायघाट विधानसभा क्षेत्र में राजपूत वर्ग के प्रत्याशी और यादव वर्ग के प्रत्याशी चुनाव जीतते रहे. आमतौर पर गायघाट विधानसभा क्षेत्र को राजपूत और यादव मतदाताओं की बहुलता वाला क्षेत्र माना जाता है. हरेक विधानसभा चुनाव में यहां पर दोनों वर्ग के मतदाता प्रखर होकर अपने प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करते आए हैं और यही दोनों वर्ग प्रत्याशियों के भाग्य का निर्णय भी करता है. 1967 से 1972 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा, लेकिन 77 में जनता पार्टी से विनोदानंद सिंह चुनाव जीते. जबकि 1980 में जितेंद्र प्रसाद सिंह विधायक बने. इससे पहले 1969 में वीरेंद्र कुमार सिंह कांग्रेस से विधायक चुने गए. महेश्वर प्रसाद यादव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर गायघाट से 1990 में विधायक बने और इसके बाद से वह बार विधायक रह चुके हैं. 1990,1995 2005 के फरवरी और 2005 के नवंबर माह के चुनाव में जीते महेश्वर प्रसाद यादव सबसे ज्यादा 5 बार विधायक बने हैं. जबकि अंतिम बार 2015 के चुनाव में 3 हजार से अधिक मतों से भाजपा प्रत्याशी वीणा देवी को हराया था. जबकि वीणा देवी 2010 में भाजपा से गायघाट से चुनाव जीती थीं.

राजद छोड़कर जदयू में शामिल विधायक पर है सबकी नजर
पांच बार विधायक रह चुके महेश्वर प्रसाद यादव पर इस बार के चुनाव में सबकी नजर है. यादव को राजद ने इस बार 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. वर्तमान विधायक महेश्वर प्रसाद यादव पिछले 2 सालों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजदीकी रहे और राजद से निकाले जाने के बाद औपचारिक तौर पर जदयू में शामिल हो गए हैं. राजद के परिवारवाद के खिलाफ हल्ला बोल करने के लिए महेश्वर प्रसाद यादव की पहचान रही है और 1997 में भी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले का महेश्वर प्रसाद यादव ने विरोध किया था जिसके बाद लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. विधायक महेश्वर प्रसाद यादव की पहचान एक समाजवादी नेता के तौर पर हुई है. हालांकि इस बार के चुनाव में क्षेत्र में जाने पर दो बार अलग-अलग गांव में लोगों ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी की है और विकास नहीं करने का आरोप लगाते हुए हुड आउट किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है.



बाढ़ और कटाव क्षेत्र की प्रमुख समस्या
गायघाट के मतदाता लगातार सरकारी भ्रष्टाचार से जूझते रहे हैं. विभिन्न सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के कारण लोगों का आक्रोश देखने को मिलता रहा है. गायघाट विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और कटाव एक प्रमुख समस्या रही है. बागमती और लखनदेई नदी की वजह से बड़ा इलाका बाढ़ की चपेट में रहता है. बागमती परियोजना द्वारा बनाए जा रहे पटवा में के पूरा नहीं होने से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या गंभीर बनी रहती है.

एनडीए और महागठबंधन के बीच फिर होगा मुकाबला
बिहार में अधिकांश सीटों पर महागठबंधन और एनडीए के बीच में मुकाबला देखने को मिलने वाला है. ऐसे में गायघाट विधानसभा क्षेत्र में भी एनडीए के सहयोगी दल सीट लेने की होड़ में शामिल है. एनडीए से लोजपा की वैशाली सांसद वीणा देवी की बेटी कोमल सिंह, रानी सिंह, पंकज सिंह, इंदिरा सिंह और वर्तमान विधायक महेश्वर प्रसाद यादव टिकट की दावेदारी में जुटे हैं. जदयू से महेश्वर प्रसाद यादव जबकि राजद से निरंजन राय और अर्जुन टिकट लेने की होड़ में लगे हैं. इस बार के चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होने वाला है. यदि महेश्वर प्रसाद यादव को जदयू से एनडीए टिकट देती है तो राजद को गठबंधन से एक नया चेहरा क्षेत्र में तलाशना होगा, जिससे मुकाबला चुनाव में दिलचस्प होने वाला है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज