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मुजफ्फरपुर का काला शुक्रवार, पानी में डूबने से हुई 8 बच्चों की मौत

News18 Bihar
Updated: October 18, 2019, 9:11 PM IST
मुजफ्फरपुर का काला शुक्रवार, पानी में डूबने से हुई 8 बच्चों की मौत
8 बच्चों की डूबने से हुई मौत

मरने वाले कुल 8 में 7 लड़कियां हैं जबकि एक लड़का है. घटना सकरा थाना इलाके अहियापुर और मीनापुर थाना क्षेत्र की है.

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मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में शुक्रवार का दिन बच्चों के लिए काला दिन रहा. तालाब और नदी में डूबकर (Drowning) जिले में कुल 7 बच्चों की मौत हो गई वहीं एक किशोरी का शव बूढ़ी गंडक नदी में तैरता मिला. मरने वाले कुल 8 में 7 लड़कियां हैं जबकि एक लड़का है. घटना सकरा थाना इलाके अहियापुर और मीनापुर थाना क्षेत्र की है.

अहियापुर में 4 बच्चियां डूबीं
अहियापुर थाना इलाके के संगम घाट पर सुबह-सुबह एक किशोरी का शव बूढ़ी गंडक नदी की धारा में तैरता मिला, शव बोरे में लिपटा हुआ था. देखने से लग रहा था कि उसकी हत्या की गई है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस अभी इससे उबर भी नहीं पाई थी कि साकड़ा के बिशनपुर बघनगरी गांव में 4 बच्चियां गांव के तालाब में डूब गई.

लोगों ने की थी बचाने की कोशिश

चारों बच्चियां घर से बकरी चराने के लिए निकली थी. वो मिश्रा टोला के तालाब में नहाने गई. अचानक डूबने लगी. उनमें से एक दूसरे को बचाने में चारों आपस में हाथ पकड़ लिया और चारों ही डूब गए. इस घटना को देख रहे एक व्यक्ति ने शोर मचाया. आवाज सुनने पर आसपास के लोग जुटे और बच्चों को निकालने का प्रयास किया गया. लेकिन इसके पहले उन्हें लोग बाहर निकाल पाते चारों ने तालाब में दम तोड़ दिया और 4 परिवारों की बेटियां समय से पहले काल के गाल में समा गई.

उजाड़ गए कई परिवार
तीसरी घटना मीनापुर के रामपुर हरि की है. इस घटना ने एक ही मां-बाप का परिवार उजाड़ दिया. रामपुर हरि गांव के गरीबन मंडल के तीन बच्चे बागमती की पुरानी धारा में डूब गए. जिनमें उसकी दो बेटियां मुस्कान 10 साल और शिवानी 8 साल है जबकि बेटा अभिषेक 12 साल है. यह तीनों मीनापुर के छपरा स्कूल में छपरा स्कूल में पढ़ते थे.
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मिट्टी काटने की वजह से बन गए थे गड्ढे
जानकारी के मुताबिक गरीबन मंडल पंजाब में मजदूरी करता है और उसकी पत्नी काली देवी आज किसी काम से शहर गई थी. इसी बीच तीनों बच्चे गांव से गुजरने वाले बागमती की पुरानी धारा में नहाने चले गए और खनन विभाग की लापरवाही के शिकार हो गए. धारा में अवैध तरीके से मिट्टी काटी गई है. जेसीबी से बेतरतीब मिट्टी काटने की वजह से धारा में गड्ढे बने हुए हैं जिसका अनुमान इन बच्चों को नहीं था और नहाने के दौरान तीनो के तीनो बच्चे ऐसे ही गड्ढे में चले गए और डूब गए.

प्रशासन ने की मुआवजे की घोषणा
एक महिला ने इन बच्चों को डूबते हुए देखा और हल्ला मचाया, लेकिन जब तक लोग वहां जुटाते तब तक हुए बच्चे गड्ढे में पूरी तरीके से डूब कर बेहोश हो गए थे. ग्रामीण युवकों ने नदी की धारा में उतर कर उन्हें निकाला लेकिन बाहर आने के पहले ही तीनों ने दम तोड़ दिया था. मौके पर मीनापुर पुलिस पहुंचकर बच्चों का शव पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है. इस मामले में जिला प्रशासन ने कहा है कि सभी मृतक बच्चों के परिजनों को आपदा राहत प्रावधानों के तहत मुआवजा की राशि दी जाएगी.

डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा है कि सभी मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रुपये की राशि दी जाएगी. त्योहारों के मौसम में 8 मासूमों की जान जाने से पूरे जिले में गम का माहौल फैल गया है. लगातार तीन घटनाओं मैं 8 जानें गई है.

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First published: October 18, 2019, 9:11 PM IST
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