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Muzaffarpur Eye Operation: डॉक्टरों पर FIR दर्ज होने से IMA नाराज, कमेटी गठित कर अलग से करेगा जांच

Muzaffarpur Eye Operation: डॉक्टरों पर FIR दर्ज होने से IMA नाराज, कमेटी गठित कर अलग से करेगा जांच

मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों के आंखों की रोशनी जाने के मामले में चार नेत्र चिकित्सकों समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है

मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों के आंखों की रोशनी जाने के मामले में चार नेत्र चिकित्सकों समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है

Bihar News: मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन मामले में इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने जिला प्रशासन द्वारा बिना जांच रिपोर्ट आए नेत्र चिकत्सकों पर एफआईआर दर्ज करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. आईएमए ने पूरे मामले में अलग से अपनी जांच कमेटी का गठन कर बिहार ऑफथेलमिक सोसाईटी के साथ जांच की बात कही है

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मुजफ्फरपुर. मरीजों की आंखों की रोशनी जाने (Cataract Operation Eyesight Loss) के मामले में नेत्र चिकित्सकों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी (एफआईआर) पर इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) ने सवाल उठाया है. आईएमए (IMA) ने जिला प्रशासन द्वारा बिना जांच रिपोर्ट आए नेत्र चिकत्सकों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. आईएमए ने इस पूरे मामले में अलग से अपनी जांच कमेटी का गठन कर बिहार ऑफथेलमिक सोसाईटी के साथ जांच की बात कही है.

दरअसल जिला प्रशासन के निर्देश पर इस मामले में अभी तक चार डॉक्टरों समेत सात लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है. आईएमए की मानें तो नेत्र चिकित्सक डॉक्टर साहू और अन्य नेत्र चिकित्सक योग्यता प्राप्त हैं, इन सभी को अनगिनत ऑपरेशन करने का अनुभव है. आईएमए ने स्पष्ट कहा है कि इनके द्वारा किये गए जटिल ऑपरेशन और उसमें मिली सफलता से यह साबित हो रहा है कि डॉक्टरों से ऑपरेशन में कोई गलती नहीं हुई है. बल्कि मरीजों की आंखों की रोशनी संक्रमण की वजह से गई है. ऑपरेशन के दौरान आई ड्रॉप्स, स्लाइन और अन्य औजारों का सही से स्टेरलाइज नहीं होना बड़ा कारण हो सकता है.

आईएमए ने सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे प्रतीत होता है कि जनाक्रोश से बचने के लिए जिला प्रशासन ने हड़बड़ी में डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. उसने कहा कि इसका सरकार के अंधापन निवारण कार्यक्रम पर बुरा परिणाम पड़ सकता है.

बता दें कि बीते 22 नवंबर को मुजफ्फरपुर में 65 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था जिसके बाद 25 से ज्यादा लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी. सरकार के प्रोटोकॉल के तहत एक दिन एक डॉक्टर अधिकतम 12 मरीजों की ही सर्जरी कर सकता है. मगर, इस नियम को नजरअंदाज कर यहां एक ही दिन में 65 मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के बाद मरीजों ने आंखों में दर्द और जलन की शिकायत की थी जिसके बाद आनन-फानन में उनकी आंखें निकाल ली गईं थी.

Tags: Bihar News in hindi, FIR, Indian Medical Association, Muzaffarpur latest news

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