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नवरूणा अपहरणकांड: 5 साल में भी पूरी नहीं हुई जांच, अब CBI ने रखा 10 लाख का ईनाम

Pravin thakur | News18 Bihar
Updated: November 7, 2019, 11:49 AM IST
नवरूणा अपहरणकांड: 5 साल में भी पूरी नहीं हुई जांच, अब CBI ने रखा 10 लाख का ईनाम
इश्तेहार चिपकाती सीबीआई की टीम

मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के जवाहरलाल रोड से 18 सितंबर 2012 की रात सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नवरूणा (Navruna) का अपहरण किया गया था. शहर के बीचो-बीच कीमती पुश्तैनी जमीन के सौदे को ही नवरूणा अपहरणकांड (Kidnapping) का मुख्य कारण माना जाता है.

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मुजफ्फरपुर.  जिले के चर्चित नवरूणा अपहरण (Navruna Murder Case) और हत्याकांड में सीबीआई (CBI) ने 10 लाख ईनाम देने की घोषणा की है. सीबीआई ने मुजफ्फरपुर समाहरणालय, भारत माता पार्क, जवाहरलाल रोड सहित शहर के कई ईलाकों में नवरूणा के पोस्टर लगे इश्तेहार चिपकाया है. नवरूणा के अपहरण और हत्याकांड का सुराग देने वाले को 10 लाख ईनाम (Reward) देने के साथ ही सीबीआई ने अपना मोबाईल नंबर, कार्यालय का नंबर, ई मेल और पता का जिक्र किया है. इश्ते हार आरक्षी अधीक्षक, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो, विशेष अपराध शाखा, पटना के नाम से जारी किया गया है.

सीबीआई ने चिपकाया इश्तेहार

सीबीआई ने टेलीफोन नंबर और फैक्स नंबर दिया है-- 0612-2239711,2235588,2235599 साथ ही मोबाइल नंबर 9470488533 भी दिया है जिस पर कोई भी सही सूचना देकर 10 लाख रूपया पा सकता है.

5 साल 8 माह से जांच कर सीबीआई

14 फरवरी 2014 को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज की थी. इससे पहले बिहार पुलिस और सीआईडी की जांच नवरूणा में हो चुकी थी लेकिन किसी नतीजे पर जांच एजेंसी नहीं पहुंची थी. सीबीआई ने शहर में कैम्प कार्यालय खोलकर कई संदिग्धों से पूछताछ भी किया. वार्ड पार्षद समेत 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया लेकिन लंबी जांच के बाद किसी के खिलाफ सीबीआई ने आजतक चार्जशीट दाखिल नहीं किया.

सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर तक सीबीआई को जांच का दिया है समय

सुप्रीम कोर्ट ने 8 बार सीबीआई को जांच का समय दे चुकी है. अंतिम सुनवाई में तीन माह का समय देते हुए सीबीआई को 21 नंवबर तक जांच पूरा करने का अंतिम समय सुप्रीम कोर्ट ने दिया है. 21 नवंबर के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करेगा. कानून के छात्र अभिषेक कुमार ने हेबियस कार्पस के तहत इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दिया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया था.
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7 साल पहले हुआ था सातवीं कक्षा के नवरूणा का अपहरण

मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के जवाहरलाल रोड से 18 सितंबर 2012 की रात सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नवरूणा का अपहरण किया गया था. घर में सोते समय रात में उसका अपहरण किया गया था. नवरूणा का अपहरण घर की खिड़की का सरिया तोड़कर किया गया था. नवरूणा शहर के सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा थी. 26 नवंबर 2012 को नवरूणा के घर के बाहर नाले में कंकाल मिला था  जिसे परिजनों ने नवरूणा का कंकाल मानने से इंकार किया था. सीबीआई ने नरकंकाल के मिलान के लिए माता-पिता का डीएनए टेस्ट भी करवाया था.

करोड़ों की जमीन का सौदा अपहरणकांड का कारण

शहर के बीचो-बीच कीमती पुश्तैनी जमीन के सौदे को ही नवरूणा अपहरणकांड का मुख्य कारण माना जाता है. नवरूणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती और उनके भाई जमीन को बेचकर दूसरे शहर में जाना चाहते थे. इसके लिए 21 लाख रूपया जमीन के कारोबारी से एडवांस भी लिया था लेकिन इसी बीच नवरूणा का अपहरण हो गया.

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First published: November 7, 2019, 11:37 AM IST
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