लाइव टीवी

कांग्रेस नेता बोले- सभी बांग्लाभाषी मुसलमानों को बांग्लादेशी कहना गलत
Muzaffarpur News in Hindi

Praveen Thakur | News18 Bihar
Updated: February 14, 2020, 1:23 PM IST
कांग्रेस नेता बोले- सभी बांग्लाभाषी मुसलमानों को बांग्लादेशी कहना गलत
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए तारिक अनवर

तारिक अनवर ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार द्वारा कराए जा रहे जनगणना में जोड़े गए 5 से 6 नए कॉलम का विरोध कर रही है.

  • Share this:
मुजफ्फरपुर. नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी  (CAA and NRC) के मुद्दे पर गरमाई राजनीति के बीच कांग्रेस नेता तारिक अनवर (Tariq Anwar) ने एक बार फिर बांग्लादेशी घुसपैठ (Bangladeshi Infiltration) के मुद्दे पर अपनी बात दोहराई है. उन्होंने कहा कि बांग्ला भाषा बोलने वाले मुसलमानों को बांग्लादेशी बताना गलत है. उन्होंने कहा कि 80 के दशक से ही बिहार में बिहार विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा आंदोलन चलाया गया था. कटिहार में 30,000 ऐसे लोगों को बांग्लादेशी बता कर जांच भी कराने के लिए आंदोलन किया गया,  लेकिन सिर्फ बांग्ला भाषा बोलने की वजह से कोई बांग्लादेशी नहीं हो जाता. कांग्रेस नेता ने कहा कि आज भी हजारों लोग वैसे मुसलमान हैं जो इस इलाके में बांग्ला भाषा बोलते हैं,  लेकिन उसे बांग्लादेशी नहीं ठहराया जा सकता.

सीएए एनआरसी और एनपीआर का होगा विरोध
मुजफ्फरपुर में आंदोलनरत लोगों की सभा को संबोधित करने पहुंचे कांग्रेस नेता तारिक अनवर और कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बिहार में कांग्रेस के नेता घूम-घूमकर लोगों के बीच उनके आंदोलन का समर्थन करेंगे.  धर्म के आधार पर लाए गए नागरिकता संशोधन कानून का भी विरोध पार्टी करती रहेगी. साथ ही प्रस्तावित एनआरसी और एनपीआर का भी विरोध पार्टी करती रहेगी.

एनपीआर के नए प्रावधानों का विरोध

तारिक अनवर ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार द्वारा कराए जा रहे जनगणना में जोड़े गए 5 से 6 नए कॉलम का विरोध कर रही है. पहले भी देश में जनगणना होते रहे हैं, लेकिन जिस प्रकार  नई- नई जानकारी लोगों से मांगी जाने वाली है, इससे सरकार की नीयत पर सवाल  खड़ा हो रहा है. एनपीआर के खिलाफ में लोगों को गोलबंद करने का काम सरकार करती रहेगी. जब तक नए प्रावधानों को एनआरपी से वापस नहीं लिया जाएगा.

गौरतलब है कि बिहार समेत देश के कई राज्यों में अगले कुछ महीनों में एनआरपी का काम शुरू होने वाला है. जबकि कांग्रेस शासित राज्यों के साथ ही कई दूसरे राज्यों में  एनपीआर को लेकर सीएए को लेकर विधानसभा में भी विरोध प्रस्ताव पारित किया गया है.

गरीब विरोधी और संविधान विरोधी है नया कानूनकांग्रेस नेता ने कहा कि नोटबंदी की तरह ही एनआरपी के नए प्रावधान गरीबों को कतार में खड़ा करेगा और उनकी परेशानियों को बढ़ाएगा. अमीर लोगों को नए प्रावधानों से कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन गरीबों को अपना काम का छोड़कर लाइन में लगकर कागज जमा करने की मजबूरी होगी. हालांकि तारिक अनवर ने यह बताने से इनकार किया कि आखिर नए प्रावधानों में केंद्र सरकार ने क्या ऐसे प्रावधान किए हैं जो गरीबों को परेशान करने वाला होगा.

अनवर ने कहा कि धर्म के आधार पर लाए गए सीएए से भाजपा और केंद्र सरकार की नीयत दिखाई पड़ रही है. जिससे समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति तेज होगी. जिसके खिलाफ में पार्टी खड़ी है.  सरकार का यह कदम संविधान के मूल भावना के विपरीत है.  कई आवेदनों के जरिए सुप्रीम कोर्ट में सरकार के इस कदम को चुनौती भी दी गई है कि आखिर धर्म के आधार पर कोई कानून कैसे बनाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मुजफ्फरपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 14, 2020, 1:08 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर