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नाबालिग लड़कियों से 'आदतन' गंदी हरकतें करता था मौलाना, 2 और बच्चियों से रेप की बात आई सामने

News18 Bihar
Updated: November 12, 2019, 1:17 PM IST
नाबालिग लड़कियों से 'आदतन' गंदी हरकतें करता था मौलाना, 2 और बच्चियों से रेप की बात आई सामने
मुजफ्फरपुर के कटरा में एक मस्जिद के मौलाना ने कई लड़कियों का यौन शोषण किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

3 जुलाई 2019 को मुजफ्फरपुर के महिला थाना में मामला दर्ज किया गया था. 4 महीने बीत जाने के बाद भी दोनों आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी है.

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मुजफ्फरपुर. कटरा में नाबालिग बच्ची (Minor Girl) के साथ दुष्कर्म  (Rape) करने वाला मौलवी मो. मकबूल सालों से गंदा खेल कर रहा था. कटरा में पिछले सात सालों से वह मौलवी था,  लेकिन गांव की नाबालिग बच्ची को वह अपनी हवस का शिकार बनाता था. सीतामढ़ी (Sitamarhi) जिले का रहने वाला मो. मकबूल फिलहाल चार महीने से फरार है. दरअसल नाबालिग के पेट में पल रहे बच्चे की जानकारी होते ही मौलाना गांव छोड़कर फरार हो गया है. इस बीच ये खबर भी सामने आई है कि गांव की दो और लड़कियों को भी मौलाना ने अपनी हवस का शिकार बनाया था.

2 और बच्चियों से की थी गंदी हरकत
मुजफ्फरपुर के कटरा में सात सालों से रह रहा सीतामढ़ी जिले का रहने वाला मौलाना मो मकबूल दरिंदा निकला. मस्जिद में नमाज अता कराने के लिए ग्रामीणों ने मौलाना को रखा था, लेकिन मौलाना मो. मकबूल के निशाने पर वैसी नाबालिग लड़कियां थी जो उसके लिए खाना लाती थीं. वह अकेले में उन नाबालिग बच्चियों को दबोच लेता और अपनी हवस पूरी करता था.

मामले को रफा-दफा करने में लगा रहा मस्जिद कमेटी

आरोप है कि नाबालिग लड़की के गर्भवती होने से पहले भी कटरा में गांव के दो लड़कियों के साथ मौलाना ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था. हालांकि मौलाना समर्थक, मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने पुलिस की जानकारी में आने से पहले ही दोनों ही बार मामले को रफा-दफा कर दिया.

बाढ़ राहत की राशि से मौलाना के लिए चंदा
न्यूज 18 की पड़ताल में पता चला है कि दो बार पहले भी गांव की लड़कियों के साथ मौलाना ने दुष्कर्म किया था, लेकिन ग्रामीणों ने मौलाना के जुर्म पर पर्दा डाल दिया था. पीड़ित को न्याय दिलाने के बदले मौलाना समर्थक बाढ़ राहत की राशि से चंदा जुटाकर आरोपी मौलाना को बचाने में जुटे हैं.मौलाना को बचाने के लिए 200 परिवारों ने दिया है चंदा
स्थानीय समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने डीएनए टेस्ट कराकर प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. हालांकि मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग दुष्कर्मी मौलाना को बचाने में अब भी जुटा है. न्यूज 18 को मिली जानकारी के मुताबिक करीब दो सौ परिवारों से एक-एक हजार की राशि मौलाना को बचाने के लिए जुटाई गई है.

मस्जिद निर्माण के के नाम पर धोखाधड़ी
जानकारी के अनुसार बाढ़ पीड़ित अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को यह कहा गया है कि गांव के अधूरे मस्जिद निर्माण को पूरा करने के लिए चंदे की रकम लगाई जाएगी, लेकिन करीब 3 महीने बीत जाने के बाद भी मस्जिद का काम वैसा नहीं हुआ जितनी चंदे में जुटाई गई रकम से उम्मीद की जा रही थी.

गांववालों ने विरोध करने का मन बनाया
गांव के बाढ़ पीड़ित गुलजार और अमीरूल हक ने बताया कि मस्जिद निर्माण के लिए उनसे एक हजार बाढ़ राहत मद की राशि ली गई है,  लेकिन औरोपी मौलाना को बचाने में यदि यह रकम खर्च होगी तो गांव वाले विरोध करेंगे.

आरोपी मौलाना और शोएब (फाइल फोटो)
आरोपी मौलाना और शोएब (फाइल फोटो)


 मौलाना और नवजात के डीएनए टेस्ट की उठ रही मांग
इस बीच एक स्वर से मौलाना की गिरफ्तारी और डीएनए टेस्ट की मांग उठने लगी है. पहले पीड़ित परिवार ने न्यूज 18 के माध्यम से इसकी मांग की थी,  लेकिन अब गांव के बुद्धिजीवी और आस-पास के गांवों के समाजसेवी और आम लोग भी डीएनए टेस्ट की मांग करने लगे हैं.

जेडीयू नेता ने भी मामला रफा-दफा करने की कोशिश की पुष्टि की
न्यूज 18 से बातचीत में स्थानीय जेडीयू के प्रखंड अध्यक्ष देवेन्द्र सहनी ने बताया कि मौलाना को बचाने के लिए गंदा खेल खेला गया है. पहले गांव में चार पंचायत कर मामले को रफा-दफा करने की कौशिश हुई. बाद में चंदा जुटाया गया ताकि पुलिस गिरफ्तारी से मौलाना को बचाया जा सके.

पुलिस के नरम रवैये से उठ रहे कई सवाल
बता दें कि 3 जुलाई 2019 को मुजफ्फरपुर के महिला थाना में मामला दर्ज किया गया था. 4 महीने बीत जाने के बाद भी दोनों आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी है. डीएसपी पूर्वी ने अपने ऑब्जर्वेशन में दूसरे आरोपी मो. शोएब की गिरफ्तारी का तो आदेश दिया है, लेकिन मौलाना पर अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं.

पीड़ित परिवार का अघोषित समाजिक बहिष्कार
गौरतलब है कि गांव में पीड़ित परिवार को मौलाना और दूसरे आरोपी के समर्थकों ने समाजिक तौर पर अघोषित तौर पर बहिष्कार कर रखा गया है. गांव में एक बड़े समूह ने पीड़ित परिवार से दूरी बना ली है.  गांव में ही दुष्कर्म के एक अन्य आरोपी का परिवार भी है, लेकिन उसके यहां ग्रामीणों का पहले जैसा संबंध बना हुआ है.

न्यूज 18 की पहल पर सक्रिय हुए लोग
न्यूज 18 की पहल के बाद पीड़ित के गांव और आस-पास के दूसरे गांव के समाजिक लोग अब सक्रिय हो गए हैं. अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले प्रबुद्ध लोगों ने अब पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठानी शुरू कर दी है.  नवजात और मौलाना के डीएनए की जांच की मांग के साथ ही दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज होने लगी है.

गौरतलब है कि मौलाना सहित दो लोगों ने एक नाबालिग लड़की को डरा-धमकर दो महीने तक दुष्‍कर्म किया था. उसके गभवर्ती होने पर मामले का खुलासा हुआ. अब वह बिन ब्याही मां बनकर इंसाफ मांग रही है, लेकिन समाज के ठेकेदार उसे व उसके परिवार को दोषी करार दे रहे हैं. हद तो यह कि मामले की सुनवाई के लिए बैठी पंचायत ने उसके नवजात को 20 हजार में बेचने का सौदा कर दिया था.

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First published: November 12, 2019, 1:08 PM IST
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